मणिपुर में सुरक्षा बलों ने एक बड़े ड्रग्स रैकेट का पर्दाफाश करते हुए करोड़ों रुपए की नशीली सामग्री जब्त की है। असम राइफल्स और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की संयुक्त कार्रवाई में चंदेल जिले के साजिक ताम्पाक क्षेत्र से जमीन के नीचे छुपाकर रखी गई अफीम पकड़ी गई।
असम राइफल्स के अनुसार, यह इलाका भारत-म्यांमार सीमा के नजदीक है और यहीं से 138.5 किलोग्राम अफीम बरामद की गई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 6.9 करोड़ रुपए आंकी गई है। बताया जा रहा है कि यह खेप सीमा पार के ड्रग्स सिंडिकेट द्वारा भारत में लाई गई थी और जमीन के भीतर दबाकर रखी गई थी। जब्त किए गए नशीले पदार्थों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए एनसीबी के हवाले कर दिया गया है।
सूत्रों का कहना है कि इस कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि सीमापार से संचालित गिरोह न केवल नशे की तस्करी कर रहे हैं, बल्कि मणिपुर में अस्थिरता फैलाने के लिए हथियारों की आपूर्ति भी कर रहे हैं। हाल ही में खुफिया जानकारी के आधार पर सेना ने मणिपुर में बड़ी मात्रा में अवैध हथियारों की खेप भी बरामद की थी।
इस हफ्ते की शुरुआत में सुरक्षा बलों ने उग्रवादियों के खिलाफ अभियान चलाकर तीन उग्रवादी कैडरों को गिरफ्तार किया और भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और नशीले पदार्थ जब्त किए। इसमें 53 अवैध हथियार, सात आईईडी, ड्रग्स, मोर्टार, इंसास राइफल, कार्बाइन, पिस्टल, ग्रेनेड और बुलेटप्रूफ कवर शामिल थे। साथ ही 110 राउंड एके-47, 16 राउंड एलएमजी और सैन्य वर्दियां भी मिलीं।
असम राइफल्स ने कहा कि यह कार्रवाई न केवल नशे के अवैध धंधे पर करारा प्रहार है, बल्कि हथियारों की तस्करी और उग्रवादी गतिविधियों पर भी रोकथाम की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मणिपुर और म्यांमार की सीमा लंबे समय से ड्रग्स और हथियारों की तस्करी के लिए संवेदनशील मानी जाती है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस नेटवर्क को खत्म करने के लिए लगातार सीमा पर कड़ी चौकसी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग जरूरी है। फिलहाल एनसीबी मामले की आगे की जांच कर रही है।
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