सुरक्षा बलों ने 26 हमलों के मास्टरमाइंड और टॉप माओवादी कमांडर हिडमा को ठोका

आंध्र प्रदेश में बड़ा ऑपरेशन

सुरक्षा बलों ने 26 हमलों के मास्टरमाइंड और टॉप माओवादी कमांडर हिडमा को ठोका

maoist-commander-hidma-encounter-andhra

आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू ज़िले में मंगलवार(18 नवंबर) सुबह सुरक्षा बलों ने एक बड़े अभियान में टॉप माओवादी कमांडर माड़वी हिड़मा (43) को ढेर कर दिया। हिड़मा पर 50 लाख रुपये का इनाम था और वह पिछले डेढ़ दशक में सुरक्षा बलों व आम नागरिकों पर हुए 26 बड़े हमलों का मास्टरमाइंड था। इस मुठभेड़ में उसकी दूसरी पत्नी राजक्का (राजे) सहित कुल छह माओवादी मारे गए।

सूत्रों के मुताबिक हिड़मा आँध्रप्रदेश छत्तीसगढ़ तेलंगाना त्रिबिंदु क्षेत्र के पास चल रही माओवादी गतिविधियों की सूचना के बाद शुरू किए गए अभियान में मारा गया। अल्लूरी सीतारामाराजू ज़िले के पुलिस अधीक्षक अमित बर्दार ने बताया कि यह संयुक्त अभियान मंगलवार सुबह 6:30 से 7 बजे के बीच मारेडुमिली मंडल के घने जंगलों में चलाया गया।

छत्तीसगढ़ के सुकमा में 1981 में जन्मा हिड़मा, CPI (माओवादी) की केंद्रीय समिति का सबसे युवा सदस्य था और PLGA बटालियन नंबर-1 का प्रमुख था, जो माओवादियों की सबसे घातक स्ट्राइक यूनिट मानी जाती है। वह बस्तर क्षेत्र से केंद्रीय समिति में शामिल होने वाला वह एकमात्र आदिवासी सदस्य था।

हिड़मा 2010 के दंतेवाड़ा हमले का मुख्य आरोपी था, जिसमें 76 CRPF जवान शहीद हुए थे। इसके अलावा, वह 2013 की झीरम घाटी हत्याकांड, जिसमें शीर्ष कांग्रेसी नेता सहित 27 लोग मारे गए उसमें भी शामिल था। 2021 के सुकमा-बीजापुर मुठभेड़ में भी उसकी भूमिका रही, जिसमें 22 सुरक्षा कर्मी शहीद हुए थे।

सुरक्षा बलों को माओवादी मूवमेंट की पुख्ता जानकारी मिली, जिसके बाद संयुक्त अभियान चलाया गया। मुठभेड़ के दौरान सुरक्षा बलों ने छह माओवादियों को ढेर किया, जिनमें हिड़मा और उसकी पत्नी राजक्का भी शामिल थीं।

इस बड़ी सफलता पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की नीति की सराहना करते हुए कहा कि सरकार की अधिक समन्वित, खुफिया-आधारित रणनीति का यह बड़ा परिणाम है। उन्होंने लिखा कि माओवादी हिंसा से प्रभावित त्रिबिंदु क्षेत्र में यह महत्वपूर्ण रणनीतिक विजय है।

गृह मंत्री अमित शाह ने गत वर्ष कहा था कि केंद्र सरकार मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद को समाप्त करने के लक्ष्य पर काम कर रही है। इस वर्ष अप्रैल में सुरक्षा बलों ने कई क्षेत्रों, जिनमें करेगुट्टा हिल भी शामिल है, पर नियंत्रण मजबूत किया। हाल ही में नारायणपुर ज़िले के एसपी ने बताया कि अबुजमाड़ क्षेत्र के लगभग 80% सक्रिय नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है।

माड़वी हिड़मा की मौत को सुरक्षा बलों ने सबसे बड़ी सामरिक सफलताओं में से एक बताया है, क्योंकि वह लंबे समय से बस्तर और आसपास के राज्यों में माओवादी हिंसा का प्रमुख चेहरा था। उसकी मौत से माओवादी संगठन की रणनीतिक क्षमता पर महत्वपूर्ण असर पड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

यह भी पढ़ें:

दल-बदल केस: सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना स्पीकर को दिया हफ्तेभर का अल्टीमेटम!

भारत के साथ व्यापार समझौता ‘जल्द’ हो सकता है : व्हाइट हाउस आर्थिक सलाहकार!

15 लाख रुपए की रिश्वतकांड में एडिशनल सेशंस जज एजाज़ुद्दीन काज़ी फरार, क्लर्क गिरफ्तार

Exit mobile version