मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने iPhone 16 की फर्जी सप्लाई के नाम पर किए गए ₹1.01 करोड़ के धोखाधड़ी मामले में Consolidated Pvt Ltd (Maple ऑपरेटर) के CEO मृृत्युंजय प्रसाद गुप्ता को गिरफ्तार किया है। यह इस मामले में चौथी गिरफ्तारी है। पुलिस के अनुसार, गुप्ता ने एक प्रमुख मोबाइल ट्रेडर को बड़ी आईफोन सप्लाई का झूठा वादा किया और भुगतान की गई रकम को निजी या अनधिकृत इस्तेमाल में लगा दिया।
शिकायतकर्ता इमरान मर्चेंट, मुंबई के एक अनुभवी मोबाइल एक्सेसरीज़ व्यापारी हैं। उन्होंने सितंबर में Maple से 150 iPhone 16 यूनिट्स खरीदने का ऑर्डर दिया था। प्रति यूनिट ₹68,000 की कीमत तय हुई, यानी कुल राशि ₹1,01,00,000। मर्चेंट ने पूरा भुगतान अग्रिम में कर दिया, लेकिन डिलीवरी टलती गई और फिर आरोपी गायब हो गए।
रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस का कहना है कि गुप्ता और उसके साथियों ने फर्जी बिजनेस डॉक्यूमेंट, झूठे आश्वासन, और गलत सप्लाई एग्रीमेंट दिखाकर व्यापारी को झांसा दिया। एक वरिष्ठ EOW अधिकारी ने कहा, “यह सप्लाई चेन इकोसिस्टम में भरोसे से की गई एक सोची-समझी धोखाधड़ी थी। गुप्ता ने अपने शीर्ष पद का दुरुपयोग कर पीड़ित को गुमराह किया।”
गुप्ता को बेंगलुरु में पकड़ा गया, जहां वह कथित रूप से छिपा हुआ था। पुलिस उसे तुरंत मुंबई लेकर आई और मझगांव मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। जांच के दौरान Maple के अंधेरी ऑफिस से ईमेल, लेन-देन के रिकॉर्ड, और डिजिटल डेटा सीज़ किया गया है। पुलिस का मानना है कि इससे फंड डायवर्शन का पूरा नेटवर्क सामने आएगा।
पुलिस के अनुसार इस रैकेट में चार लोग शामिल थे। Maple के CEO मृृत्युंजय प्रसाद गुप्ता CEO, (मुख्य आरोपी), मिडिलमैन की भूमिका निभानेवाले संजय प्रधान (61) कमीशन एजेंट, Maple के प्रमुख स्टोर का मैनेजर इब्राहिम अंसारी, कागजी कार्रवाई में भूमिका निभानेवाला जूनियर एग्जीक्यूटिव देवेन देवड़ा, चारों पुलिस हिरासत में हैं, और EOW इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या यह गिरोह अन्य महंगे गैजेट्स, जैसे नए iPhone मॉडल की सप्लाई के नाम पर भी डिफॉल्टर नेटवर्क चला रहा था।
आईफोन 17 सीरीज़ लॉन्च होने के बाद आईफोन 16 की कीमतों में कटौती हुई है, जिसके चलते इसकी मांग में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसी मांग में तेजी का फायदा उठाकर आरोपियों ने करोड़ों की ठगी की है। जांच में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं, और EOW इस फ्राॅड से जुड़े बड़े नेटवर्क की तलाश में है।
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