मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी 2025 के रिजल्ट से पहले ही बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने दो ऐसे आरोपियों को गिरफ्तार किया है जो खुद को एनटीए (NTA) अधिकारियों से जुड़ा बताकर छात्रों के अभिभावकों से रिजल्ट में हेरफेर के नाम पर मोटी रकम वसूलने की कोशिश कर रहे थे।
सीबीआई की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, आरोपियों ने दावा किया था कि वे NEET UG 2025 में छात्रों के स्कोर बदल सकते हैं, और इसके लिए प्रति उम्मीदवार 90 लाख रुपये की मांग की गई थी। सौदेबाज़ी के बाद यह रकम घटाकर 87.5 लाख रुपये कर दी गई। आरोपियों ने यह भी कहा कि रिजल्ट जारी होने से छह घंटे पहले ही वे बदले हुए अंकों की जानकारी दे देंगे।
सीबीआई को इनपुट मिला था कि मुख्य आरोपी मुंबई के परेल स्थित ITC ग्रैंड सेंट्रल होटल में कुछ अभिभावकों से मुलाकात कर रहा है। जांच में पता चला कि मुख्य आरोपी सोलापुर का रहने वाला है, जबकि दूसरा आरोपी नवी मुंबई में एक एडमिशन कंसल्टेंसी फर्म चलाता है। इनका संपर्क पुणे स्थित एक अन्य फर्म से भी था।
जब आरोपियों के मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच की गई, तो सीबीआई को उम्मीदवारों के रोल नंबर, एडमिट कार्ड, ओएमआर शीट और हवाला नेटवर्क के जरिए लेनदेन से जुड़े सबूत मिले।
CBI ने 9 जून को मुख्य आरोपी को मुंबई से और 10 जून को सह-आरोपी को महाराष्ट्र के सांगली जिले से गिरफ्तार किया। दोनों को मुंबई की विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें पहले 13 जून तक पुलिस हिरासत में भेजा गया, जिसे अब 16 जून 2025 तक बढ़ा दिया गया है।
CBI ने स्पष्ट किया है कि अभी तक की जांच में NTA या किसी सरकारी अधिकारी की कोई भूमिका सामने नहीं आई है। आरोपियों ने एनटीए के नाम का दुरुपयोग कर अभिभावकों को गुमराह किया। CBI ने बयान जारी कर कहा,”यह मामला यह दर्शाता है कि कैसे शिक्षा के क्षेत्र में फर्जीवाड़ा करने वाले सक्रिय हैं। हम अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच कर रहे हैं और अभिभावकों से अपील करते हैं कि वे किसी भी प्रकार की ठगी से सतर्क रहें।”
CBI ने यह भी कहा कि वह ऐसे अपराधों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी और दोषियों को सजा दिलवाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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