नाइजर में आतंकी हमला: दो भारतीय नागरिकों की हत्या, एक का अपहरण!

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नाइजर में आतंकी हमला: दो भारतीय नागरिकों की हत्या, एक का अपहरण!

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पश्चिम अफ्रीकी देश नाइजर से मंगलवार (15 जुलाई) को एक बेहद दुखद खबर सामने आई थी। झारखंड के बोकारो जिले से संबंधित गणेश कर्माली और दक्षिण भारत से कृष्णन नामक दो भारतीय प्रवासी मजदूरों की आतंकवादी हमले में हत्या कर दी गई। इस हमले ने एक बार फिर विदेशों में काम कर रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

जम्मू-कश्मीर के रहने वाले  तीसरे भारतीय नागरिक रंजीत सिंह का डॉसो क्षेत्र से अपहरण कर लिया गया है। भारतीय दूतावास द्वारा इसकी सूचना दिए जाने के बाद, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से हस्तक्षेप की अपील की है ताकि रंजीत की सकुशल वापसी सुनिश्चित की जा सके। रंजीत नाइजर में एक निर्माण परियोजना में कार्यरत थे।

नाइजर में पिछले वर्ष जुलाई 2023 में राष्ट्रपति मोहम्मद बाज़ौम के तख्तापलट के बाद से वहां की सुरक्षा स्थिति तेजी से बदतर हुई है। राष्ट्रपति को प्रेसिडेंशियल गार्ड ने नजरबंद कर दिया और जनरल अब्दुर्रहमान तचियानी ने खुद को देश का नया प्रमुख घोषित कर दिया। इस सैन्य सत्ता परिवर्तन के बाद, नाइजर ने अमेरिका सहित पश्चिमी सहयोगियों को बाहर निकाल कर रूस के साथ सैन्य और कूटनीतिक साझेदारी शुरू की।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस कदम की कड़ी निंदा की थी। तब से लेकर अब तक नाइजर आतंकी गतिविधियों, आंतरिक संघर्षों और विदेशी नागरिकों के अपहरण जैसी घटनाओं से जूझ रहा है।

नाइजर में इस्लामिक स्टेट (IS) और अल-कायदा से जुड़े आतंकवादी समूह लंबे समय से सक्रिय हैं। UN सुरक्षा परिषद की रिपोर्ट के अनुसार, कोकोरू क्षेत्र में ISGS द्वारा किए गए हमले में 44 नागरिक मारे गए और 13 गंभीर रूप से घायल हुए। जून 2025 को नाइजर के इतिहास के सबसे रक्तरंजित महीनों में से एक माना गया है, जब Tillaberi और Dosso क्षेत्रों में IS के लड़ाकों ने 100 से अधिक ग्रामीण नागरिकों की हत्या कर दी थी।

इस हालिया भारतीय नागरिकों की हत्या और अपहरण की घटना कोई अकेली घटना नहीं है। 20 वर्षों से मानवीय सहायता का कार्य कर रही एक ऑस्ट्रियाई महिला का भी कुछ समय पूर्व अपहरण कर लिया गया था, और आज तक उसकी कोई जानकारी नहीं मिली है। नाइजर में अब विदेशी नागरिक सशस्त्र समूहों के निशाने पर हैं, जिससे भारत सहित कई देशों में चिंता और रोष की लहर है।

रंजीत सिंह के परिजन और भारत के आम नागरिक सरकार से अपील कर रहे हैं कि नाइजर सरकार और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर त्वरित कदम उठाए जाएं ताकि रंजीत की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित हो सके और आगे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए ठोस रणनीति बनाई जाए।

नाइजर की अस्थिर राजनीतिक परिस्थिति, आतंकवादियों की सक्रियता और सुरक्षा बलों की कमजोरी के चलते वहां रह रहे विदेशी नागरिकों की जान लगातार खतरे में है। भारतीय सरकार के लिए यह समय निर्णायक है कि वह विदेशों में रह रहे अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे और अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस मुद्दे को मजबूती से उठाए। आतंकी हमले में मारे गए गणेश कर्माली और कृष्णन को श्रद्धांजलि और अपहृत रंजीत सिंह की सुरक्षित वापसी की कामना के साथ, यह घटना विदेशों में काम कर रहे लाखों भारतीयों के लिए एक चेतावनी है।

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