नोएडा पुलिस ने अंतरराज्यीय ऑनलाइन सट्टेबाजी धोखाधड़ी में शामिल एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए छह लोगों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान बरामद एक मोबाइल फोन ने दिल्ली के स्कूलों को बार-बार भेजी जा रही बम धमकी वाली ई-मेल की गुत्थी सुलझाने की दिशा में अहम सुराग मिले हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जब्त डिवाइस में कई ऐसे धमकी भरे संदेश मिले हैं, जो दिल्ली के स्कूलों को भेजे गए थे।
यह मोबाइल फोन नोएडा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की जांच के दौरान सामने आया। यह जांच धमकी से जुड़ी एक ‘रिकवरी ई-मेल’ की ट्रैकिंग के दौरान शुरू हुई थी। पुलिस ने डिवाइस को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि धमकी भरी ई-मेल और अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क के बीच कोई प्रत्यक्ष संबंध है या नहीं।
पिछले कुछ महीनों में दिल्ली के कई स्कूलों को बार-बार बम धमकियां मिली हैं, जिससे शैक्षणिक गतिविधियां बाधित हुईं और अभिभावकों व प्रशासन में चिंता बढ़ी। ताजा मामला गुरुवार (12 फरवरी)का है, जब एक बार फिर स्कूलों को ई-मेल के जरिए धमकियां भेजी गईं। जिस विशेष मामले में इन छह आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है, वह 23 जनवरी को दिल्ली के स्कूलों को मिली एक धमकी से जुड़ा बताया जा रहा है।
जांच में सामने आया कि धमकी भरी ई-मेल की उत्पत्ति अमेरिका से दिखाई दे रही थी। हालांकि तकनीकी विश्लेषण में यह भी पता चला कि उससे जुड़े रिकवरी ई-मेल के तार बांग्लादेश और भारत से जुड़े थे। आगे की डिजिटल ट्रैकिंग से पुलिस ग्रेटर नोएडा पहुंची, जहां शुक्रवार(13 फरवरी) को STF ने आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान अमिश जंग कार्की, अनंत कुमार, दिव्यांशु, साहिल कुमार, लेखनाथ शर्मा और केदारनाथ के रूप में हुई है। इनमें से कुछ नेपाली नागरिक हैं। पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी अमिश नेपाल का निवासी है और उसकी शिक्षा ऑस्ट्रेलिया में बताई जा रही है।
पुलिस का कहना है कि यह गिरोह इंदिरापुरम (गाजियाबाद) और ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी इलाके में कॉल सेंटर की आड़ में अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क चला रहा था। छापेमारी के दौरान कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी अमेरिकी नामों से मिलती-जुलती फर्जी ई-मेल आईडी बनाकर ग्राहकों से संपर्क करते थे। जब्त मोबाइल और लैपटॉप में ऐसे कई ई-मेल अकाउंट लॉग-इन पाए गए। पुलिस के अनुसार, आरोपी अपनी वास्तविक लोकेशन छिपाने के लिए VPN सेवाओं और फर्जी GPS लोकेशन ऐप्स का इस्तेमाल करते थे।
यह गिरोह मुख्य रूप से अमेरिका, भारत और नेपाल के नागरिकों को निशाना बनाकर ऑनलाइन सट्टेबाजी योजनाओं में निवेश के लिए उकसाता था और बड़ी रकम वसूलता था। साथ ही, ये लोग कई सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म्स को तकनीकी सहायता भी मुहैया करा रहे थे। बरामद सामान में चार लैपटॉप, 22 मोबाइल फोन, दो नेपाली पासपोर्ट, दो फर्जी आधार कार्ड, चार पैन कार्ड, 16 डेबिट-क्रेडिट कार्ड, एक चेकबुक, नेपाली पैन कार्ड, नागरिकता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस और ₹19,500 नकद शामिल हैं।
पुलिस ने बताया कि आगे की जांच जारी है, जिसमें नेटवर्क के अन्य सदस्यों, संभावित विदेशी कड़ियों, ठगे गए लोगों की संख्या, ठगी की कुल रकम और पूरे ऑपरेशन की अवधि का पता लगाया जा रहा है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि दिल्ली के स्कूलों को भेजी गई धमकियों में इस नेटवर्क की भूमिका कितनी गहरी है।
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