गुजरात के गिर सोमनाथ जिले के प्रभास पाटन क्षेत्र में रविवार (10 नवंबर) को प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे अवैध निर्माण हटाने के अभियान के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब दरगाह हटाने का विरोध कर रही मुस्लिम भीड़, जिसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे, ने पुलिस पर पथराव कर दिया। इस घटना में दो पुलिसकर्मी घायल हुए, जिसके बाद पुलिस ने करीब 100 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
रिपोर्टों के अनुसार, 10 नवंबर को शंखा सर्कल के पास स्थित सोमनाथ मंदिर क्षेत्र में दुकानें, घर और धार्मिक स्थल 11 अवैध संपत्तियों को हटाने की कार्रवाई निर्धारित थी। शाम के समय जब प्रशासन की टीम ने हज़रत रंगीला शाह दरगाह पर बुलडोज़र चलाना शुरू किया, तभी स्थानीय मुस्लिम समुदाय के लोग, जिनमें कई महिलाएं बुर्के में और छोटे बच्चे शामिल थे, मौके पर जमा हो गए। पुलिस ने भीड़ को शांत करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने पत्थरबाज़ी शुरू कर दी।
भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज और तीन आंसू गैस के गोले दागे। घटना में प्रभास पाटन थाने के इंस्पेक्टर एम.वी. पटेल और हेड कांस्टेबल कुलदीप सिंह परमार घायल हुए।
पुलिस ने घटना के बाद करीब 100 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है, जिनमें से 17 आरोपियों की पहचान वीडियो फुटेज और गवाहों के बयान के आधार पर हुई है। एफआईआर डिप्टी ममलतदार रंजीत सिंह खेड़ की शिकायत पर दर्ज की गई है। मामला प्रभास पाटन थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 189(2), 189(3), 189(5), 190, 191(2), 195(1), 125 और 121(1) तथा गुजरात पुलिस अधिनियम की धारा 135 के तहत दर्ज किया गया है।
नामज़द आरोपियों में रफीक गाधिया, शबाना हारून मोतिया, रज़िया हुसैन कलवत, साकिल उर्फ भूरो, ग़ुलाम साबिर डॉक्टर, राजूशा हिनफ्शा बनवा, शकील उर्फ गली कलवत, ओबामा, नदीम कलवानिया, अय्यूब बदाम, रफीक उर्फ बोडू, सब्बीर मौलाना, सुफ़ियान कलवानिया, मयुद्दीन हनीफ अहमद महिदा, सब्बीर इक़बाल और सब्बीर हारून शामिल हैं।
शिकायतकर्ता रंजीत सिंह खेड़ ने बताया कि प्रशासनिक टीम पुलिस सुरक्षा के साथ अवैध दरगाह हटाने के लिए पहुंची थी।खेड़ ने कहा,“हमने लोगों को समझाने की कई बार कोशिश की, लेकिन भीड़ में मौजूद पुरुषों और महिलाओं ने विरोध करते हुए पत्थर फेंकना शुरू कर दिया।” उन्होंने बताया कि जब स्थिति बिगड़ने लगी तो पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा। कार्रवाई के बाद दरगाह को पूरी तरह ढहा दिया गया और क्षेत्र में अब शांति बहाल है।
घटना के बाद से कई आरोपी फरार हैं। पुलिस ने इलाके में कॉम्बिंग ऑपरेशन शुरू किया है और आरोपियों की तलाश जारी है। अधिकारियों ने कहा कि स्थिति अब नियंत्रण में है, लेकिन अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने कहा,“सरकारी ज़मीन पर अवैध निर्माण किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी अधिकारी या पुलिसकर्मी पर हमला करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
प्रशासन ने साफ किया है कि सोमनाथ क्षेत्र से सभी अवैध धार्मिक और व्यावसायिक ढांचों को हटाने की प्रक्रिया जारी रहेगी, चाहे वे किसी भी समुदाय से संबंधित हों।



