जबड़ा टूटा, रीढ़ की हड्डी टूटी: स्पाइसजेट कर्मियों पर ‘मर्डरस असॉल्ट’ का लगा आरोप!

अतिरिक्त सामान शुल्क पर बिगड़ा सेना अधिकारी का आपा

जबड़ा टूटा, रीढ़ की हड्डी टूटी: स्पाइसजेट कर्मियों पर ‘मर्डरस असॉल्ट’ का लगा आरोप!

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श्रीनगर एयरपोर्ट पर एक वरिष्ठ सेना अधिकारी द्वारा स्पाइसजेट के ग्राउंड स्टाफ पर कथित रूप से किए गए हमले को लेकर भारी विवाद खड़ा हो गया है। यह घटना 26 जुलाई को उस समय हुई जब अधिकारी को अतिरिक्त हैंड बैगेज के लिए शुल्क चुकाने को कहा गया।

स्पाइसजेट का कहना है कि अधिकारी दो कैबिन बैग लेकर पहुंचे थे जिनका कुल वजन 16 किलोग्राम था, जबकि अधिकतम सीमा 7 किलोग्राम है। जब उन्हें अतिरिक्त शुल्क के बारे में बताया गया, तो अधिकारी कथित तौर पर बोर्डिंग प्रक्रिया पूरी किए बिना जबरन एयरोब्रिज में घुसने की कोशिश करने लगे, जिससे सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हुआ। सीआईएसएफ के एक अधिकारी ने उन्हें वापस बोर्डिंग गेट पर लाया। यहीं पर मामला हिंसक रूप ले गया।

स्पाइसजेट के अनुसार, सेना अधिकारी ने चार कर्मचारियों पर जानलेवा हमला किया। आरोप है कि उन्होंने घूंसे, लातें और क्यू स्टैंड से मारपीट की, जिससे एक कर्मचारी बेसुध हो गया और दो अन्य को रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर और जबड़े में गंभीर चोटें आईं। सभी को तत्काल अस्पताल ले जाया गया और वे अब भी इलाजरत हैं।

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। एयरलाइन ने इस हमले को मर्डरस असॉल्ट बताते हुए FIR दर्ज कराई है और नागरिक उड्डयन मंत्रालय को पत्र लिखकर अधिकारी को नो-फ्लाई लिस्ट में डालने की मांग की है। FIR में सेना अधिकारी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 115(2), 126(2), 351(2) और 131 के तहत केस दर्ज किया गया है, जो स्वेच्छा से चोट पहुंचाना, गलत तरीके से रोकना, आपराधिक धमकी और हिंसक हमला जैसे अपराधों से जुड़ी हैं।

स्पाइसजेट ने CCTV फुटेज भी जांच एजेंसियों को सौंपा है और कहा है कि वह मामले को कानूनी और नियामक तौर पर पूरी तरह से आगे बढ़ाएगा। इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए अधिकारी ने कहा, “मेरी तरफ से कहने के लिए कुछ नहीं है। उन्होंने मुझे परेशान किया और उकसाया।” रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारी आपातकालीन छुट्टी पर थे और उन्होंने भी एक FIR दर्ज कराई है, जिसमें खुद के साथ दुरव्यवहार और फ्लाइट मिस होने की शिकायत की गई है।

भारतीय सेना ने बयान जारी कर कहा है कि वह इस तरह की शिकायतों को गंभीरता से लेती है और अनुशासन के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। दौरान सेना ने कहा, “26 जुलाई को श्रीनगर एयरपोर्ट पर एक सैनिक और एयरलाइन स्टाफ के बीच कथित विवाद की जानकारी भारतीय सेना को प्राप्त हुई है। हम जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग दे रहे हैं।”

यह मामला अब केवल एक विवाद नहीं रह गया, बल्कि सैन्य अनुशासन, नागरिक सुरक्षा और एयरलाइन कर्मचारियों की गरिमा का मुद्दा बन गया है। जांच जारी है, और दोनों पक्षों की FIR के बाद कानूनी कार्रवाई की दिशा स्पष्ट होती जा रही है।

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