‘गहना कर्मणो गति:’ ; तीन तलाक कानून का विरोध करने वाले मुनव्वर राणा की बेटी को उसी कानून का सहारा

मुनव्वर राणा की बेटी हिबा राना ने पति पर लगाए तीन तलाक, हिंसा और बेदखली के आरोप

‘गहना कर्मणो गति:’ ; तीन तलाक कानून का विरोध करने वाले मुनव्वर राणा की बेटी को उसी कानून का सहारा

'The ways of karma are mysterious'; the daughter of Munawwar Rana, who opposed the triple talaq law, is now seeking recourse under the same law.

केंद्र सरकार द्वारा मुस्लिम महिलाओं की रक्षा के लिए मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 लाने के बाद उसका बढ़ चढ़कर विरोध करने वाले दिवंगत कवि मुनव्वर राणा की बेटी को अब उसी कानून का सहारे से न्याय की आशा है, जिसने भगवद गीता के सुभाषित ‘गहना कर्मणो गतिः’ अर्थात कर्म की गति गहन होती है, जिसे कोई नहीं समझ सकता इस वाक्य को लगभग सिद्ध किया है। दिवंगत कवि मुनव्वर राणा की बेटी हिबा राणा ने अपने पति और ससुर के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, शारीरिक हिंसा, आपराधिक धमकी और तीन तलाक दिए जाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। 2 फरवरी को हिबा राणा की शिकायत के आधार पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सआदतगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS), दहेज निषेध अधिनियम और मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम की धाराएं लगाई गई हैं।

FIR के अनुसार, हिबा राणा ने अपने पति सैयद मोहम्मद साकिब और ससुर सैयद हसीब अहमद के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। यह FIR BNS की धारा 85, 115(2), 351(2) और 352, दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3 और 4, तथा मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत दर्ज की गई है।

शिकायत में हिबा राणा ने बताया कि उनका विवाह 19 दिसंबर 2013 को सुन्नी रीति-रिवाजों के अनुसार हुआ था। विवाह के समय उनके परिवार ने कथित तौर पर सोने और हीरे के आभूषणों के साथ 10 लाख रुपये नकद दहेज दिया था। आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही पति और ससुर ने अतिरिक्त दहेज की मांग शुरू कर दी, जिसमें 20 लाख रुपये नकद और एक फ्लैट शामिल था। हिबा का कहना है कि वैवाहिक जीवन बचाने के प्रयास में उनके परिवार ने बार-बार ये मांगें पूरी कीं, इसके बावजूद उत्पीड़न बंद नहीं हुआ।

FIR में हिबा राणा ने आरोप लगाया कि उन्हें लगातार शारीरिक हिंसा, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि दहेज की मांग और डराने-धमकाने में उनके ससुर की भी सक्रिय भूमिका रही। शिकायत के मुताबिक, आरोपितों ने कई बार उन्हें जान से मारने की नीयत से पीटा और गंभीर मानसिक व शारीरिक यातनाएं दीं।

हिबा राणा ने बताया कि उनके दो बच्चे हैं सैयद फवाज़ और हय्याम फातिमा। आरोपों के अनुसार जब उन्हें ससुराल से निकाला गया, तब उन्हें अपने दोनों बच्चों को साथ ले जाने की अनुमति नहीं दी गई।

FIR के अनुसार, 9 अप्रैल 2025 को सैयद मोहम्मद साकिब ने कथित तौर पर हिबा राणा के साथ गाली-गलौज की और बेरहमी से मारपीट की। जब उनकी बहन अर्शिया राणा उर्फ टीना वहां पहुंचीं, साकिब और अधिक आक्रामक हो गया। इसके बाद उसने कथित तौर पर तीन तलाक कहा और हिबा राणा को जबरन घर से बाहर निकाल दिया, जबकि दोनों बच्चों को एक कमरे में बंद कर दिया गया।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपित और उनके पिता लगातार हिबा राणा और उनके परिवार को धमकियां दे रहे हैं, जिससे वह गंभीर मानसिक तनाव में हैं और अपनी सुरक्षा को लेकर भयभीत हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शिकायत के आधार पर FIR दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि मुनव्वर राणा ने वर्ष 2016 में तीन तलाक के मुद्दे पर कानून बनाए जाने का सार्वजनिक रूप से विरोध किया था और इस विषय में इस्लामिक धर्मगुरुओं के साथ खड़े दिखाई दिए थे।

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