मुंबई-पुणे मेयर और नागपुर स्थित संघ मुख्यालय को बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

ईमेल के जरिए आई धमकी के बाद पुलिस, बीडीडीएस और साइबर टीम जांच में जुटी; अभी तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली

मुंबई-पुणे मेयर और नागपुर स्थित संघ मुख्यालय को बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

Threat to blow up Mumbai and Pune mayors and the RSS headquarters in Nagpur with bombs; security agencies on alert.

मुंबई-पुणे के मेयर कार्यालय के आधिकारिक ईमेल पते पर बम धमाके की धमकी से डर का माहौल बना हुआ है। धमकी भरे ईमेल के बाद महाराष्ट्र में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। ईमेल में मुंबई की मेयर रितु तावड़े का कार्यालय और गाडी के अलावा, पुणे मेयर का कार्यालय, नागपुर के कुछ स्थानों और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के मुख्यालय को निशाना बनाने की बात कही गई है, जिसके बाद पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी।

अधिकारियों के अनुसार, ईमेल में दावा किया गया था कि इन स्थानों पर इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) के जरिए हमला करने की योजना बनाई जा रही है। धमकी देने वाले व्यक्ति ने संदेश में कथित तौर पर हमले के लिए कुछ विशेष तारीखों और समय का भी उल्लेख किया था।

ईमेल प्राप्त होने के बाद पुलिस, बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड (बीडीडीएस) और साइबर अपराध शाखा की टीमों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। एहतियात के तौर पर ईमेल में जिन स्थानों का जिक्र किया गया था, वहां सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सुरक्षा एजेंसियां फिलहाल धमकी की विश्वसनीयता का आकलन कर रही हैं।

अधिकारियों ने बताया कि ईमेल की उत्पत्ति का पता लगाने और इसे भेजने वाले व्यक्ति या समूह की पहचान करने के प्रयास जारी हैं। साइबर विशेषज्ञ ईमेल से जुड़े तकनीकी पहलुओं की जांच कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि धमकी वास्तविक है या फिर यह किसी शरारती तत्व द्वारा फैलाया गया झूठा संदेश है।

फिलहाल ईमेल में उल्लिखित किसी भी स्थान से कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई है। इसके बावजूद सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्कता बढ़ा दी है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने तथा शांति बनाए रखने की अपील की है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि धमकी की पूरी तरह जांच और ईमेल की फॉरेंसिक पड़ताल के बाद ही मामले से जुड़े अन्य विवरण सार्वजनिक किए जाएंगे। फिलहाल सभी संबंधित एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

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