चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल में 79 क्रूड बम मिलने के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जांच शुरू कर दी है। राज्य के दक्षिण 24 परगना जिले के भांगर इलाके में 79 क्रूड बम और अन्य आपत्तिजनक सामग्री मिलने के मामले में एजेंसी ने मामला दर्ज किया है। केंद्र सरकार ने शनिवार (25 अप्रैल) को इस मामले की जांच एनआईए को सौंपने के आदेश दिए थे, जिसके बाद यह कार्रवाई हुई।
केंद्र सरकार के आदेश में कहा गया है, “प्रथम दृष्टया यह मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी अधिनियम, 2008 के तहत अनुसूचित अपराध की श्रेणी में आता है। यह अवैध रूप से विस्फोटक और कच्चे बमों के भंडारण और उपयोग से जुड़ा है, जिसका उद्देश्य नागरिकों के जीवन और संपत्ति को खतरे में डालना और लोगों में भय व दहशत फैलाना है।”
NIA के प्रवक्ता ने पुष्टि की कि यह कार्रवाई केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर की गई है। इस घटना से संबंधित मूल मामला कोलकाता के भांगर क्षेत्र के उत्तर काशी पुलिस थाने में दर्ज किया गया था। शनिवार (25 अप्रैल) को पोइलपाड़ा इलाके में कब्रिस्तान के पास एक परित्यक्त घर पर छापेमारी के दौरान पुलिस को ये कच्चे बम मिले। पुलिस टीम को रस्सियों से बंधी हुई, क्रूड बम जैसी दिखने वाली 79 गोलाकार वस्तुएं और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुईं।
रविवार को चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल पुलिस को राज्य में कच्चे बमों के अवैध निर्माण में शामिल लोगों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। इस मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
इसी बीच, एक अलग घटना में भांगर के चालताबेरिया के पश्चिम बामुनिया गांव में कच्चे बम बनाते समय हुए विस्फोट के मामले में पुलिस ने वाहिदुल इस्लाम मोल्ला को गिरफ्तार किया है। शनिवार (25 अप्रैल)को चक मोरिचा तेतुतला घाट इलाके में स्थानीय लोगों ने उसे देखा और पुलिस के हवाले कर दिया। NIA इस पूरे मामले में किसी बड़े नेटवर्क की संलिप्तता की भी जांच कर रही है।
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