उत्तर प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति सुचारु बनाए रखने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ व्यापक अभियान शुरू किया है। 12 मार्च से शुरू इस कार्रवाई के तहत अब तक 12,732 स्थानों पर छापेमारी की गई है, जिससे बाजार में ईंधन की उपलब्धता में सुधार हुआ है।
राज्य सरकार के निर्देश पर चलाए जा रहे इस अभियान में अब तक 177 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है, जिनमें 25 LPG वितरक भी शामिल हैं। पुलिस ने 16 कुख्यात कालाबाजारियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि 185 अन्य के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में बाधा डालने वाले किसी भी माफिया या जमाखोर को बख्शा नहीं जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, राज्य के सभी 4,108 एलपीजी वितरकों के पास फिलहाल पर्याप्त गैस उपलब्ध है।
इस बीच, केंद्र सरकार के सहयोग से 23 मार्च से वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों के कोटे में 20 प्रतिशत की अतिरिक्त वृद्धि की गई है, जिससे बाजार में आपूर्ति और बेहतर हुई है। इसका सीधा लाभ घरेलू उपभोक्ताओं को मिल रहा है और उन्हें समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध हो रहे हैं।
मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि उपभोक्ताओं को उनकी बुकिंग के अनुसार समय पर रिफिल उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही आपूर्ति व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने के लिए खाद्य आयुक्त कार्यालय और गृह नियंत्रण कक्ष में 24 घंटे सक्रिय सेल स्थापित किए गए हैं।
इन नियंत्रण कक्षों में अधिकारी शिफ्ट के आधार पर तैनात हैं, जो पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति से जुड़े मामलों का तत्काल समाधान सुनिश्चित कर रहे हैं। जिला आपूर्ति अधिकारी (DSO) और स्थानीय प्रशासन की टीमें भी लगातार निगरानी कर रही हैं, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
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