30 C
Mumbai
Sunday, January 11, 2026
होमब्लॉग"HIV​" Case: ​त्रिपुरा में एचआईवी एड्स से 47 छात्रों की मौत​, 828...

“HIV​” Case: ​त्रिपुरा में एचआईवी एड्स से 47 छात्रों की मौत​, 828 छात्र पॉजिटिव​!​

राज्य में 828 स्टूडेंट्स में एचआईवी होने का पता चला है|इनमें से 47 छात्रों की मौत हो चुकी है|सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि एचआईवी से पीड़ित कई छात्र देश के अलग-अलग राज्यों की यूनिवर्सिटी या बड़े कॉलेजों में एडमिशन लेकर पढ़ाई कर रहे हैं|

Google News Follow

Related

त्रिपुरा एड्स नियंत्रण सोसाइटी ने बताया, राज्य में HIV से 47 छात्रों की मौत हो गई, जबकि कुल 828 छात्र पॉजिटिव पाए गए हैं​|​ अधिकारियों ने बताया कि कई छात्र उच्च शिक्षा के लिए देशभर के अलग-अलग संस्थाओं में पढ़ने गए हैं​|त्रिपुरा से दिल दहला देने वाली खबर आ रही है कि राज्य में 828 स्टूडेंट्स में एचआईवी होने का पता चला है|इनमें से 47 छात्रों की मौत हो चुकी है|सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि एचआईवी से पीड़ित कई छात्र देश के अलग-अलग राज्यों की यूनिवर्सिटी या बड़े कॉलेजों में एडमिशन लेकर पढ़ाई कर रहे हैं|

त्रिपुरा राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी-टीएसएसीएस के आंकडों के अनुसार, राज्य में 828 छात्रों में एचआईवी संक्रमण की पुष्टि हुई है​|​ एड्स कंट्रोल सोसायटी ने 828 छात्रों को एचआईवी संक्रमण के लिए रजिस्टर्ड किया है|इनमें से 47 छात्रों की मौत हो चुकी है|टीएसएसीएस ने राज्य के 220 स्कूल, 24 कॉलेज और यूनिवर्सिटी के ऐसे छात्रों की पहचान की है जो नशे के लिए इंजेक्शनों का इस्तेमाल करते हैं|

त्रिपुरा पत्रकार यूनियन, वेब मीडिया फोरम और टीएसएसीएस द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एक वर्कशॉप को संबोधित करते हुए टीएसएसीएस के संयुक्त निदेशक ने ये आंकड़े प्रस्तुत किए|उन्होंने कहा कि 220 स्कूल और 24 कॉलेज तथा विश्वविद्यालयों की पहचान की गई है जहां छात्र नशीली दवाओं के आदी पाए गए हैं|

टीएसएसीएस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मई 2024 तक, हमने एआरटी- एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी केंद्रों में 8,729 लोगों को रजिस्टर्ड किया है. इनमें एचआईवी से पीड़ित लोगों की कुल संख्या 5,674 है और इनमें भी 4,570 पुरुष, 1103 महिलाएं और केवल एक मरीज ट्रांसजेंडर है​|एचआईवी मामलों में वृद्धि के लिए नशीली दवाओं के दुरुपयोग को जिम्मेदार ठहराते हुए टीएसएसीएस का कहा है कि ज्यादातर मामलों में संपन्न परिवारों के बच्चे एचआईवी से संक्रमित पाए गए हैं. ऐसे परिवार भी हैं​, जहां माता-पिता दोनों सरकारी नौकरी में हैं​|

इस कारण से एचआईवी पॉजिटिव हुए छात्र​: त्रिपुरा में छात्रों के एचआईवी संक्रमित होने की वजह नशीले पदार्थ के सेवन को बताया जा रहा है​|​ जांच में पाया गया कि छात्र इंजेक्शन से नशीली दवा का सेवन कर रहे थे​|​ यह जानकारी मीडिया कार्यशाला को संबोधित करते हुए टीएसएसीएस के अधिकारियों ने दी​|​ ​

साल में दो बार इंजेक्शन लगवाने पर संक्रमण से मिल सकती है 100 फीसदी सुरक्षा​: दक्षिण अफ्रीका और युगांडा में व्यापक स्तर पर किये गए एक क्लिनिकल परीक्षण से पता चला है कि नयी रोग-निरोधक दवा का साल में दो बार इंजेक्शन युवतियों को एचआईवी संक्रमण से पूरी सुरक्षा देता है​|​

परीक्षण में यह पता लगाने की कोशिश की गई कि क्या ‘लेनकापाविर’ का छह-छह महीने पर इंजेक्शन, दो अन्य दवाओं (रोज ली जाने वाली गोलियों) की तुलना में एचआईवी संक्रमण के खिलाफ बेहतर सुरक्षा प्रदान करेगा​|​ सभी तीन दवाएं ‘प्री-एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस’ (रोग निरोधक) दवाएं हैं​|

यह भी पढ़ें-

अमरीका में 4 भारतीय मूल के लोग गिरफ्तार; मानव तस्करी और जबरन मज़दूरी करवाने का आरोप !

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

The reCAPTCHA verification period has expired. Please reload the page.

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,451फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
286,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें