एयर मार्शल इंदरपाल सिंह वालिया मिग-21, मिग-23, मिग-27, जगुआर और सुखोई-30 एमकेआई के सभी संस्करणों को उड़ाने का बेहतरीन अनुभव रखते हैं। पदभार संभालने के अवसर पर रविवार को एयर मार्शल वालिया को औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
उन्होंने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन सभी वीर सैनिकों के बलिदान को नमन किया, जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। एयर मार्शल इंदरपाल सिंह वालिया की नियुक्ति भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ नेतृत्व में महत्वपूर्ण बदलाव का हिस्सा है।
वर्ष 1988 में 11 जून को उन्होंने भारतीय वायुसेना (आईएएफ) की लड़ाकू विमान शाखा में कमीशन प्राप्त किया था। लगभग चार दशकों के अपने लंबे करियर में एयर मार्शल वालिया ने कई कमान और स्टाफ संबंधी जिम्मेदारियां संभाली हैं।
एयर मार्शल वालिया ने ब्रिटेन में उन्नत कमान एवं स्टाफ पाठ्यक्रम और बांग्लादेश के राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय से भी प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इंद्रपाल सिंह वालिया भारतीय वायुसेना के वायु स्टाफ निरीक्षण निदेशालय के प्रमुख रह चुके हैं।
यही कारण है कि उनके पास रक्षा एवं रणनीतिक अध्ययन में तीन -तीन पीजी डिग्रियां हैं। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें वर्ष 2008 में वायु सेना पदक (वीएम) और वर्ष 2018 में अति विशिष्ट सेवा पदक (एवीएसएम) से सम्मानित किया गया था।
गौरतलब है उन्होंने एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित का स्थान लिया है, जिन्होंने 31 अक्टूबर को वायुसेना के 29वें प्रमुख का पदभार ग्रहण किया है।



