नीट पुनर्परीक्षा को लेकर हरियाणा में व्यापक सुरक्षा इंतजाम, डीजीपी ने दिए निर्देश!

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, चिकित्सा सहायता, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

नीट पुनर्परीक्षा को लेकर हरियाणा में व्यापक सुरक्षा इंतजाम, डीजीपी ने दिए निर्देश!

Extensive security arrangements in Haryana for the NEET re-examination; DGP issues directives!

हरियाणा सरकार ने 21 जून को होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी 2026) के शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी आयोजन के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देश पर राज्य सरकार, जिला प्रशासन और पुलिस ने परीक्षा सही तरीके से संपन्न कराने तथा अभ्यर्थियों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।

नीट यूजी परीक्षा का आयोजन राज्य के 19 जिलों गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, झज्जर, रोहतक, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल, पानीपत, हिसार, रेवाड़ी, जींद, नूंह, भिवानी, पलवल, सिरसा और महेंद्रगढ़ में किया जाएगा। सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, ड्यूटी मजिस्ट्रेट, पुरुष और महिला तलाशी दल तथा क्विक रिस्पॉन्स टीमें (क्यूआरटी) तैनात की जाएंगी।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, चिकित्सा सहायता, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार प्रत्येक अभ्यर्थी को भयमुक्त और निष्पक्ष परीक्षा वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अजय सिंघल ने कहा कि हरियाणा पुलिस नीट-यूजी परीक्षा के निष्पक्ष और शांतिपूर्ण आयोजन के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने सभी पुलिस आयुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और वरिष्ठ अधिकारियों को नियमित निगरानी रखने, औचक निरीक्षण करने और सुरक्षा व्यवस्था की लगातार समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।

डीजीपी ने चेतावनी दी कि परीक्षा माफिया, उपद्रवी तत्वों और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों से निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने की अपील की।

सभी परीक्षा केंद्रों पर दो स्तर की तलाशी व्यवस्था लागू की गई है। पहली जांच परीक्षा केंद्र के मुख्य द्वार तक पहुंचने से पहले पुलिस और होमगार्ड कर्मियों द्वारा की जाएगी, जबकि दूसरी जांच केंद्र परिसर में सुरक्षा कर्मियों द्वारा की जाएगी।

प्रत्येक 100 अभ्यर्थियों पर कम से कम एक तलाशी कर्मी की तैनाती की जाएगी। तलाशी दल में कम से कम 50 प्रतिशत महिलाएं होंगी। इसके अलावा हैंड-हेल्ड मेटल डिटेक्टर का भी इस्तेमाल किया जाएगा।

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