वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, “डॉक्टरों का कार्य लोगों के जीवन की रक्षा करना है और इसी कारण समाज उन्हें भगवान का स्वरूप मानता है। विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा आयोजित यह गोष्ठी स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए उपयोगी साबित होगी। ऐसे आयोजनों में विशेषज्ञों के विचार और सुझाव सामने आते हैं, जिन्हें सरकार गंभीरता से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है।
सुरेश खन्ना ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने डॉक्टरों के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि जब किसी मरीज की जान बचती है तो उसके लिए डॉक्टर ही भगवान का रूप बन जाते हैं। उन्होंने सभी चिकित्सकों को डॉक्टर्स डे की शुभकामनाएं भी दीं।
वहीं, सरोजिनी नगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा, “चिकित्सा विज्ञान की बदौलत दुनिया ने पोलियो और स्मॉल पॉक्स जैसी गंभीर बीमारियों पर विजय प्राप्त की है। आजादी के समय देश में औसत जीवन प्रत्याशा लगभग 35 वर्ष थी, जो अब बढ़कर करीब 70 वर्ष हो चुकी है। इसके पीछे डॉक्टरों और चिकित्सा विज्ञान का महत्वपूर्ण योगदान है।”
उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान डॉक्टरों द्वारा निभाई गई भूमिका को याद करते हुए कहा, “अनेक चिकित्सकों ने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की सेवा की और कई डॉक्टरों ने अपने प्राण भी न्योछावर कर दिए। ऐसे चिकित्सा योद्धाओं का सम्मान जितना किया जाए, उतना कम है।”
डॉ. राजेश्वर सिंह ने सरोजिनी नगर को उत्तर प्रदेश की ‘हेल्थ कैपिटल’ और लखनऊ को देश की ‘हेल्थ कैपिटल’ बनाने का लक्ष्य भी रखा।
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