बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा और तेज़ हुई है। बांग्लादेश से हिंदू युवक के हत्या की एक और घटना सामने आई है। राजबाड़ी ज़िले में एक पेट्रोल पंप पर काम करने वाले 30 वर्षीय हिंदू युवक रिपन साहा की एसयूवी से कुचलकर हत्या कर दी गई। बीएनपी नेता भुगतान किए बिना पेट्रोल भरवाकर भागने की कोशिश कर रहा था, उस वाहन को रोकने का प्रयास हिंदू कर्मचारी ने किया तब बीएनपी नेता ने इस हत्या को अंजाम दिया।
पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना शुक्रवार (16 जनवरी) तड़के करीब 4:30 बजे ढाका–खुलना राष्ट्रीय राजमार्ग पर गोलंदा मोड़ के पास स्थित करीम फिलिंग स्टेशन पर हुई। एक काली लैंड क्रूज़र पेट्रोल पंप पर पहुंची और करीब 5,000 टका (लगभग ₹3,710) का पेट्रोल भरवाया।
जब चालक ने भुगतान किए बिना वाहन आगे बढ़ाने की कोशिश की, तो ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी रिपन साहा ने उसे रोकने के लिए सड़क पर वाहन के सामने खड़े होकर पैसे की मांग की। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई देता है कि इसके बाद एसयूवी ने रफ्तार बढ़ाई और रिपन साहा को टक्कर मारते हुए कुचल दिया। पेट्रोल पंप पर मौजूद एक अन्य कर्मचारी जाकिर हुसैन ने वाहन का पीछा किया, लेकिन कुछ ही दूरी पर उन्हें रिपन साहा का शव गंभीर रूप से क्षत-विक्षत हालत में सड़क पर पड़ा मिला। सिर और चेहरे पर गंभीर चोटों के चलते उनकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी।
अहलादिपुर हाईवे पुलिस स्टेशन की टीम ने शव को बरामद कर पोस्टमार्टम कराया और बाद में परिजनों को सौंप दिया। मृतक की पहचान खानखानापुर क्षेत्र के साहापारा निवासी पवित्र साहा के पुत्र रिपन साहा के रूप में हुई है।
घटना के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें वाहन का मालिक अबुल हाशेम उर्फ सुजन (55) और चालक कमाल हुसैन (43) शामिल हैं। अबुल हाशेम बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) का नेता बताया जा रहा है और वह राजबाड़ी ज़िला इकाई का पूर्व कोषाध्यक्ष रह चुका है। इससे पहले वह बीएनपी की युवा इकाई जुबो दल का अध्यक्ष भी रह चुका है। पुलिस ने वाहन को जब्त कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज तथा गवाहों के बयानों के आधार पर हत्या का मामला दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ज़ियाउर रहमान ने स्थानीय मीडिया को बताया कि यह कृत्य जानबूझकर किया गया प्रतीत होता है, क्योंकि वाहन चालक ने रिपन साहा के सामने खड़े होने के बावजूद गाड़ी की गति बढ़ा दी। हालांकि प्रारंभिक तौर पर मामला भुगतान विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है, लेकिन इस घटना ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं खड़ी कर दी हैं।
यह हत्या हाल के हफ्तों में हिंदुओं के खिलाफ हुई हिंसक घटनाओं की कड़ी में एक और मामला है। बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद के अनुसार, दिसंबर 2025 में ही सांप्रदायिक हिंसा की 51 घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें से कई को अल्पसंख्यक मतदाताओं को डराने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। हाल ही में दीपु दास की कथित रूप से झूठे ईशनिंदा आरोपों पर भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या और बाद में शव को पेड़ से लटकाकर जलाने की घटना ने भी देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गहरी चिंता पैदा की थी।
भारत ने भी बांग्लादेश में हिंदुओं समेत अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों को लेकर बार-बार चिंता जताई है और प्रभावी कार्रवाई की मांग की है, जबकि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार इन घटनाओं के पीछे किसी सांप्रदायिक कारण से इनकार करती रही है।
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