T20 विश्व कप 2026 में भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार पर अड़े पाकिस्तान ने अब अपने रुख में संभावित बदलाव के संकेत दिए हैं, हालांकि इसके लिए पाकिस्तान ने ICC के सामने तीन शर्तें भी रखी गई हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के सामने रखी मांगे पूरी होने पर ही वह भारत के खिलाफ 15 फरवरी को प्रस्तावित मुकाबला खेलने पर अपने रुख पर पुनर्विचार के लिए सरकार से परामर्श करेगा।
रविवार (8 फरवरी) को लाहौर में इस मुद्दे को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें PCB के वरिष्ठ अधिकारी, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के प्रमुख अमीनुल इस्लाम बुलबुल और ICC का एक प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ। बैठक का उद्देश्य इस विवाद का समाधान निकालना था, ताकि भारत–पाकिस्तान मुकाबला तय कार्यक्रम के अनुसार हो सके। रिपोर्ट के अनुसार, ICC के CEO संजोग गुप्ता बैठक में वर्चुअली शामिल हुए, जबकि पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नक़वी, ICC के डिप्टी चेयरमैन इमरान ख्वाजा और बीसीबी अध्यक्ष लाहौर में मौजूद थे।
Cricbuzz की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान ने आईसीसी के सामने तीन शर्तें रखी हैं की आईसीसी राजस्व में पाकिस्तान का हिस्सा बढ़ाया जाए, भारत के साथ द्विपक्षीय क्रिकेट शुरू की जाए और तीसरा भारत और पाकिस्तान के बीच हैंडशेक प्रोटोकॉल को लागू किया जाए।
दौरान पाकिस्तान सरकार ने सार्वजनिक रूप से ऐलान किया कि वह T20 विश्व कप में भारत के खिलाफ मैच खेलने की अनुमति नहीं देगी, जबकि यह मुकाबला तटस्थ स्थल पर निर्धारित था। हालांकि, शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली सरकार ने बहिष्कार के पीछे स्पष्ट कारण सार्वजनिक रूप से नहीं बताए।
क्रिकेट जगत में यह धारणा बनाई गई है की पाकिस्तान का यह रुख बांग्लादेश के समर्थन में था। बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपने मैच भारत से बाहर कराने की मांग की थी, जिसे ICC ने खारिज कर दिया था। इसके बाद बांग्लादेश ने टूर्नामेंट से हटने का फैसला किया, और माना गया कि पाकिस्तान ने भी उसी के साथ एकजुटता दिखाते हुए भारत के खिलाफ मैच से दूरी बनाई।
रिपोर्ट के अनुसार, इन तीन मांगों के जरिए PCB, अंतराष्ट्रीय क्रिकेट बोर्ड पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। बोर्ड का आकलन है कि यदि भारत–पाकिस्तान मुकाबला नहीं होता, तो ICC को प्रसारण और व्यावसायिक राजस्व में बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसी संभावित नुकसान को पाकिस्तान अपनी बातचीत की ताकत के रूप में इस्तेमाल कर रहा है।
वर्तमान में पाकिस्तान ICC राजस्व वितरण में चौथा सबसे बड़ा लाभार्थी है। PCB को ICC की कुल आय का 5.75 प्रतिशत हिस्सा मिलता है। 2023 के आंकड़ों के अनुसार, पाकिस्तान को सालाना लगभग 34.51 मिलियन अमेरिकी डॉलर प्राप्त होते हैं, जो उसके क्रिकेट ढांचे के लिए अहम हैं। केवल तीन बोर्ड क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड और BCCI इससे अधिक कमाई करते हैं।
द्विपक्षीय क्रिकेट की बहाली की मांग पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि भारत और पाकिस्तान के बीच सीरीज का फैसला दोनों देशों की सरकारें करती हैं, न कि ICC। वहीं, हैंडशेक प्रोटोकॉल की मांग एशिया कप 2025 की पृष्ठभूमि से जुड़ी मानी जा रही है, जब पहलगाम आतंकी हमले के बाद से भारत ने पाकिस्तान के खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया है।
अब सभी की निगाहें ICC और संबंधित बोर्ड्स के अगले कदम पर टिकी हैं, क्योंकि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की इन मांगों को पूरा करना भारतीय क्रिकेट चहेतों को नाराज़ करना है।
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