बंगाल की खाड़ी में साइक्लोन अर्नब की वजह से एयर ट्रैफिक पर असर पड़ रहा है। तूफान और मौसम में होने वाले संभावित बदलावों को देखते हुए, आज चेन्नई एयरपोर्ट से आने-जाने वाली कुल 12 फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गई हैं। चेन्नई एयरपोर्ट के सीनियर अधिकारियों ने एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है।
बंगाल की खाड़ी में बना साइक्लोन अर्नब आज सुबह आंध्र प्रदेश के तट से टकराया। तूफान का मुख्य हिस्सा सुबह तट पर पहुंचा, जबकि इसका आखिरी हिस्सा अगले तीन घंटों में ज़मीन पर पहुंचा। इससे पहले, तूफान का केंद्र आंध्र प्रदेश तट के पास बंगाल की खाड़ी के मध्य-पश्चिम में था और छह घंटे में 18 kmph की स्पीड से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा। इस दौरान 135 kmph की हवा की स्पीड की चेतावनी जारी की गई थी।
🚨 BREAKING: CYCLONE ARNAB MAKES LANDFALL IN ANDHRA PRADESH! 🌪️🇮🇳
Powerful winds and torrential rainfall are battering coastal regions as authorities work to protect lives and ensure public safety. 🙏
Stay indoors, follow official IMD advisories, and stay safe.
PRAYERS FOR EVERYONE IN THE CYCLONE’S PATH. 🙏❤️
— Samjho India (@Samjhoindia143) October 28, 2026
तूफान के असर और खराब मौसम की उम्मीद के कारण, चेन्नई से आंध्र प्रदेश और वापस चेन्नई आने वाली कुछ फ्लाइट्स पहले ही कैंसिल कर दी गई थीं। आज कुल 12 फ्लाइट्स कैंसिल की गई हैं। इसमें चेन्नई से विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा और राजमुंदरी जाने वाली इंडिगो की छह फ्लाइट्स शामिल हैं। इसके अलावा, इन तीन शहरों से चेन्नई जाने वाली छह फ्लाइट्स भी कैंसिल कर दी गई हैं।
चेन्नई से आज कैंसिल की गई फ्लाइट्स में विशाखापत्तनम से सुबह 5:25 बजे, विजयवाड़ा से सुबह 7 बजे और विशाखापत्तनम से सुबह 10:30 बजे जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट्स शामिल हैं। इसके अलावा, राजमुंदरी से दोपहर 2:35 बजे, विजयवाड़ा से दोपहर 2:45 बजे और विशाखापत्तनम से शाम 4 बजे जाने वाली फ्लाइट्स भी कैंसिल कर दी गई हैं। इसी तरह, विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा और राजमुंदरी से चेन्नई आने वाली इंडिगो की छह फ्लाइट्स भी कैंसिल कर दी गई हैं।
एक ही दिन में 12 फ्लाइट्स कैंसिल होने से यात्रियों को काफी परेशानी हुई है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे एयरपोर्ट जाने से पहले इंडिगो एयरलाइंस से या चेन्नई एयरपोर्ट पर ऑफिशियल चैनल से अपनी फ्लाइट्स का स्टेटस चेक कर लें, ताकि किसी भी परेशानी से बचा जा सके।
यह भी पढ़ें-
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार भारत ने पाकिस्तान को भेजा न्योता



