पिछले कुछ दिनों में नेपाल में बाढ़, लैंडस्लाइड और बिजली गिरने से कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई है। अधिकारियों के मुताबिक, लगातार बारिश की वजह से कई इलाकों में बाढ़ आ गई है। इससे कई घरों को नुकसान पहुंचा है और सड़क यातायात काफी हद तक बाधित हुआ है। यह स्थिति ऐसे समय में पैदा हुई है जब हिमालयी देश पिछले महीने आई भयानक बाढ़ से अभी भी पूरी तरह उबर नहीं पाया है। उस बाढ़ में कम से कम 1,453 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 5,000 से ज़्यादा लोग अभी भी लापता हैं।
Huge mountainside collapse in Manang has sent debris rushing toward the Marsyangdi River, raising fears of a potentially destructive mud flood downstream in Nepal pic.twitter.com/9SKcMzsoNp
— Surajit (@surajit_ghosh2) September 28, 2026
शनिवार रात पाल्पा जिले के माथागाधी में लैंडस्लाइड की वजह से एक घर मिट्टी के ढेर के नीचे दब गया। इस हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई। देश में पिछले चार दिनों में बाढ़, लैंडस्लाइड और बिजली गिरने से 16 लोगों की मौत हो गई है, जिससे मरने वालों की कुल संख्या 21 हो गई है। इसी दौरान, बचाव टीमों ने बाढ़ और लैंडस्लाइड से प्रभावित 1,284 लोगों को बचाया।
A massive landslide has struck Nepal and the footage is hard to believe
It looks like an entire mountain collapsed in seconds pic.twitter.com/P3vUPZMj6X
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इस बीच, नेपाली अधिकारियों ने दक्षिणी जिलों चितवन और नवलपरासी के कुछ हिस्सों के लिए बाढ़ की खास चेतावनी जारी की है। नारायणी नदी इन इलाकों में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है और इसका पानी का लेवल लगातार बढ़ रहा है। अगर भारत में गंडक नदी के नाम से जानी जाने वाली इस नदी में बाढ़ आती है, तो इसका असर पड़ोसी देश भारत पर भी पड़ सकता है।
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