ईरान के सुप्रीम लीडर अली ख़ामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान में शिया मुस्लिमों द्वारा भड़के विरोध प्रदर्शन हिंसक हो चुके हैं। रविवार (1 मार्च) को अमेरिका–इज़राइल की बमबारी के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर हमला किया, जिससे पाकिस्तानी आर्मी से झड़प के दौरान कम से काम 23 लोगों की मौत हुई है, और 120 से अधिक के घायल होने की खबर है।
शिया मुस्लिमों द्वारा शुरू किए प्रदर्शनों में अधिक हिंसा कराची में दर्ज की गई, जहां अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प में 10 लोगों की मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सैकड़ों प्रदर्शनकारी माई कोलाची रोड स्थित परिसर के बाहर जमा हुए। कुछ युवकों ने बाहरी दीवार और गेट पार कर मुख्य इमारत की ओर बढ़ने की कोशिश की। हालात बिगड़ने पर सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस और गोलियों का इस्तेमाल किया। पुलिस सर्जन सुमैया सैयद के मुताबिक, इस झड़प में 60 लोग घायल हुए, जिनमें कुछ की हालत गंभीर है।
इस्लामाबाद में दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि उत्तरी शहर स्कर्दू में 11 लोगों की जान गई। स्कर्दू गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र में स्थित है, जो पाकिस्तान का एकमात्र प्रांत है जहां शिया आबादी बहुसंख्यक है। यहां प्रदर्शनकारियों ने संयुक्त राष्ट्र की इमारत में आग लगा दी। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम और संयुक्त राष्ट्र सैन्य पर्यवेक्षक समूह के कार्यालयों पर भी हमला किया गया। दौरान सरकारी प्रवक्ता शबीर मीर ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र कर्मी सुरक्षित हैं, लेकिन कई सरकारी और पुलिस कार्यालयों में तोड़फोड़ की गई।
इस्लामाबाद में हजारों लोग रेड जोन के करीब आए है, जहां संसद, सरकारी इमारतें और विदेशी दूतावास स्थित हैं। प्रदर्शनकारियों ने इज़राइल से बदला और जो अमेरिका का साथ दे, वह गद्दार है जैसे नारे लगाए। अधिकारियों ने रेड जोन की ओर जाने वाले मार्गों को बंद कर दिया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों ने रबर बुलेट और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। चश्मदीदों ने कुछ स्थानों पर गोली चलने की आवाज सुनने की भी बात कही।
We are monitoring reports of ongoing demonstrations at the U.S. Consulates General in Karachi and Lahore, as well as calls for additional demonstrations at U.S. Embassy Islamabad and Consulate General Peshawar. We advise U.S. citizens in Pakistan to monitor local news and…
— U.S. Embassy Islamabad (@usembislamabad) March 1, 2026
लाहौर, पेशावर, मुल्तान और फैसलाबाद में भी बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए। स्कर्दू में प्रशासन ने तीन दिन का कर्फ्यू लागू कर दिया है। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास इस्लामाबाद ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा, “हम चल रहे प्रदर्शनों की रिपोर्ट पर नज़र रख रहे हैं… हम पाकिस्तान में मौजूद अमेरिकी नागरिकों को लोकल न्यूज़ पर नज़र रखने और पर्सनल सिक्योरिटी के अच्छे तरीकों का पालन करने की सलाह देते हैं।” दूतावास ने अमेरिकी नागरिकों को सतर्क रहने और भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है।
पाकिस्तान में शिया समुदाय कुल आबादी का लगभग 20 प्रतिशत से अधिक है। वर्तमान घटनाक्रम ने देश में सांप्रदायिक और राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है। सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है और हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
यह भी पढ़ें:
कुवैत में अमेरिकी F-15 जेट क्रैश; पायलट के इजेक्ट करने की खबर
पाकिस्तान के नूर खान एयरबेस पर एक बार फिर हमला
ईरान-अमेरिका युद्ध का भारतीय शेयर बाजार पर असर, 1300 अंक लुढ़का सेंसेक्स
