टेक दिग्गज कंपनी ओरेकल में बड़े पैमाने पर छंटनी की खबरों ने कर्मचारियों को झटका दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने वैश्विक स्तर पर करीब 30,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है, जिनमें से लगभग 12,000 कर्मचारी भारत से बताए जा रहे हैं। हालांकि, कंपनी ने अब तक आधिकारिक तौर पर इन आंकड़ों की पुष्टि नहीं की है।
जानकारी के अनुसार, कर्मचारियों को सुबह-सुबह, कुछ मामलों में 5 से 6 बजे के बीच, ईमेल के जरिए नौकरी समाप्त होने की सूचना दी गई। कई कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना या एचआर चर्चा के सीधे टर्मिनेशन मेल मिला, जिससे वे पूरी तरह हैरान रह गए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे रेडिट और X पर कर्मचारियों ने अपने अनुभव साझा किए। एक कर्मचारी ने लिखा, “सुबह 5 बजे ईमेल मिला, 20 साल की नौकरी एक झटके में खत्म।” वहीं, दूसरे ने कहा, “6 बजे ईमेल आया, अगले महीने चार साल पूरे होने वाले थे।”
Oracle Layoffs – The EMAIL.
The job cuts will affect somewhere around 20,000 and 30,000 – which is about roughly 18% of their global workforce.
This has been clearly evident since early-mid Feb as I have been alerting. https://t.co/OaPyUkjxLa pic.twitter.com/0Oy98thWQt
— Amanda Goodall (@thejobchick) March 31, 2026
कई कर्मचारियों का यह भी कहना है कि ईमेल आने के तुरंत बाद उनकी कंपनी के आंतरिक सिस्टम तक पहुंच भी बंद कर दी गई, जिससे उन्हें स्थिति को समझने का मौका तक नहीं मिला।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में ओरेकल के कुल करीब 30,000 कर्मचारियों में से लगभग 12,000 को इस छंटनी का सामना करना पड़ा है। कई टीमों में 40–50% तक कर्मचारियों को हटाए जाने की बात सामने आई है। यह छंटनी भारत के अलावा मेक्सिको समेत अन्य क्षेत्रों में भी की गई है, जिससे कंपनी के कंप्यूटिंग बिजनेस पर व्यापक असर पड़ा है।
एक आंतरिक संदेश में कंपनी ने कहा कि संगठनात्मक बदलावों के चलते संचालन को सरल बनाने का निर्णय लिया गया है, जिसके कारण कुछ पदों को समाप्त करना पड़ा। प्रभावित कर्मचारियों को सेवरेंस पैकेज देने की बात भी कही गई है। इस पैकेज में प्रत्येक वर्ष की सेवा पर 15 दिन का वेतन, एक महीने का नोटिस पे, अवकाश नकदीकरण, पात्रता के अनुसार ग्रेच्युटी और दो महीने का अतिरिक्त वेतन शामिल है। हालांकि, यह पैकेज स्वैच्छिक इस्तीफा देने वालों के लिए लागू बताया गया है।
यह व्यापक छंटनी ऑरेकल के AI इंफ्रास्ट्रक्चर में आक्रामक, ऋण-वित्तपोषित विस्तार के कारण हो रही है। कंपनी ने AI डाटा केंद्रों पर अनुमानित 156 बिलियन डॉलर का पूंजीगत व्यय करने का वादा किया है, जिसके लिए 8 से 10 बिलियन डॉलर की नकदी प्रवाह की आवश्यकता होगी। विश्लेषकों का दवा है की ओरेकल यह नकदी बड़ी मात्रा में छंटनी कर जुटाना चाहता है।
इसी कड़ी में अमेज़न जैसी अन्य बड़ी कंपनियां भी हाल के महीनों में हजारों कर्मचारियों की छंटनी कर चुकी हैं।
सूत्रों के मुताबिक, आने वाले समय में छंटनी का एक और दौर देखने को मिल सकता है, हालांकि इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल, इस अचानक और बड़े पैमाने पर हुए फैसले ने भारत समेत वैश्विक स्तर पर कर्मचारियों के बीच असमंजस और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है।
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