अफगानिस्तान के उत्तरी तखार प्रांत में पुलिस ने एक विशेष अभियान के दौरान 60 किलो अवैध नशीले पदार्थ जब्त किए हैं और ड्रग्स की तस्करी के शक में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। यह जानकारी स्थानीय पुलिस अधिकारी ने दी।
प्रांतीय पुलिस प्रवक्ता निजामुद्दीन ओमिर के मुताबिक, तस्करों ने शनिवार को 52 किलो अफीम और आठ किलो चरस को एक वाहन के गुप्त हिस्सों में छिपाकर किसी अज्ञात जगह ले जाने की कोशिश की थी। लेकिन पुलिस ने छापेमारी के दौरान वाहन की तलाशी लेकर नशीले पदार्थ बरामद कर लिए।
सिन्हुआ न्यूज एजेंसी के अनुसार, इससे पहले, अवैध ड्रग्स के खिलाफ अभियान के तहत गुरुवार को अफगान सुरक्षा बलों ने पूर्वी गजनी प्रांत में एक बड़ी तस्करी की कोशिश को नाकाम कर दिया था। इस कार्रवाई में 215 किलो अफीम जब्त की गई थी।
30 जून को प्रांतीय सूचना और संस्कृति निदेशालय ने बताया था कि दक्षिणी हेलमंद प्रांत में मादक पदार्थ विरोधी पुलिस ने एक अवैध ड्रग्स बनाने वाली लैब का पता लगाकर उसे नष्ट कर दिया।
यह अवैध लैब बघरान जिले में मिली थी। अधिकारियों के मुताबिक, वहां से ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाला बड़ी मात्रा में सामान भी बरामद किया गया।
इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि इस अवैध कारोबार में शामिल लोगों को पकड़कर कानून के सामने लाने की कोशिश जारी है।
इससे पहले आठ जून को अफगानिस्तान के गृह मंत्रालय ने बताया था कि पुलिस ने दक्षिणी उरुजगान और पश्चिमी फराह प्रांतों में कार्रवाई करते हुए अवैध नशीले पदार्थ बरामद किए और ड्रग्स बनाने वाली कई लैब भी नष्ट कर दीं।
इस दौरान 21 किलो अवैध ड्रग्स और 273 स्टिमुलेंट टैबलेट जब्त की गईं। पुलिस ने उरुजगान और फराह में मौजूद ड्रग्स बनाने वाली लैब को भी नष्ट कर दिया। साथ ही, करीब 1,000 किलो ऐसा सामान भी बरामद किया गया, जिसका इस्तेमाल हेरोइन बनाने में किया जाता था।
पुलिस ने इस अवैध कारोबार में शामिल होने के आरोप में पांच लोगों को भी गिरफ्तार किया।
हालांकि मंत्रालय ने इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी, लेकिन उसने कहा कि मादक पदार्थ विरोधी पुलिस का अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक अफगानिस्तान को नशीले पदार्थों की समस्या से पूरी तरह मुक्त नहीं कर दिया जाता।
