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Wednesday, July 15, 2026
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मथुरा कारसेवा पर संतों का समर्थन, भव्य मंदिर निर्माण की उम्मीद मजबूत!

अयोध्‍या के साकेत भवन के महंत सीताराम दास ने आईएएनएस से कहा, "निश्चित रूप से, जिस तरह कारसेवकों और संतों ने अयोध्या में कारसेवा की और विवादित ढांचे को गिराया| 

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उत्तर प्रदेश के मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि को मुक्त कराने की मांग को लेकर संतों की ओर से 9 अगस्त को कारसेवा का ऐलान किया गया है। इसका अयोध्‍या के संत समाज ने स्‍वागत किया है। साधु-संतों का मत है कि जिस तरह से अयोध्‍या में श्रीराम मंदिर का निर्माण किया गया है, उसी तर्ज पर श्रीकृष्‍ण जन्‍मभूमि में भव्‍य मंदिर का निर्माण होगा।

अयोध्‍या के साकेत भवन के महंत सीताराम दास ने आईएएनएस से कहा, “निश्चित रूप से, जिस तरह कारसेवकों और संतों ने अयोध्या में कारसेवा की और विवादित ढांचे को गिराया, उसी तरह के आंदोलन का समय अब ​​आ गया है। यह सनातनियों के लिए आस्था का विषय है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि हमारी पवित्र जन्मस्थली है। इसकी रक्षा और पुनर्निर्माण सनातनियों की जिम्मेदारी है, और यह हमारा नैतिक कर्तव्य भी है। हम संतों की आस्‍था पर कुठाराघात नहीं होने देंगे।”

महंत सत्येंद्र दास जी महाराज ने मथुरा कारसेवा पर कहा, “जिस तरह संतों ने राम जन्मभूमि आंदोलन शुरू किया था, और आज हम देख सकते हैं कि 500 ​​साल का कलंक मिटने के बाद अयोध्या में भव्य मंदिर हकीकत बन गया है। अयोध्या के संतों ने देश भर के संतों के साथ मिलकर मथुरा के लिए भी उसी भावना से निर्णय लिया है। जब संत कदम से कदम मिलाकर चलेंगे, तब निश्चित रूप से भगवान श्रीकृष्ण की जन्‍मभूमि मुक्ति कराई जाएगी।”

मशहूर कथा वाचक कथा वाचक चंद्रांशु महाराज कहते हैं, “यह कोई नई बात नहीं है। हम सभी जो भगवान राम के भक्त हैं और राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े रहे हैं, हमेशा यही नारा दोहराते रहे हैं कि ‘अयोध्या तो केवल झांकी है, मथुरा-काशी बाकी है’।”

उन्‍होंने कहा कि संत समाज के एजेंडे में पहले से निश्चित है। अयोध्‍या में भव्‍य श्रीराम मंदिर बन गया है, काशी विश्‍वनाथ का थोड़ा सा भाग बाकी है, अब अगला कूच जन्‍मभूमि लीला पुरुषोत्‍तम श्रीकृष्‍ण की है। हम लोग कृत संकल्‍प है कि श्रीकृष्‍ण जन्‍मभूमि पर भी भव्‍य मंदिर का निर्माण हो।

इसके अलावा, महंत सीताराम दास ने मदरसा फंडिंग की एटीएस जांच पर रोक लगाने से इलाहाबाद हाई कोर्ट के इनकार पर कहा, “सरकार ने मदरसों की एटीएस जांच का आदेश दिया था। कुछ लोगों ने हाई कोर्ट में इस आदेश को चुनौती दी, लेकिन हाई कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। मैं इस आदेश के लिए आभार व्यक्त करता हूं और जजों का धन्यवाद करता हूं।”

आचार्य चंद्रांशु महाराज ने मदरसा फंडिंग की एटीएस जांच पर रोक लगाने से इलाहाबाद हाई कोर्ट के इनकार पर कहा, “आज तक मदरसों से पढ़ा-लिखा कोई डॉक्टर, इंजीनियर या शिक्षक सामने नहीं आया है। मदरसों ने राष्ट्रीय हित में कोई खास योगदान नहीं दिया है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि शिक्षा के केंद्र होने के बजाय, कुछ मदरसों में कथित तौर पर विस्फोटक और हथियार पाए गए हैं।”

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