तिब्बत में बड़ी तबाही! 7.0 तीव्रता के भूकंप से 300 घर तबाह, 16 की मौत

इमरजेंसी डिपार्टमेंट बचाव का काम कर रहा है

तिब्बत में बड़ी तबाही! 7.0 तीव्रता के भूकंप से 300 घर तबाह, 16 की मौत

एक तरफ जहां क्लाइमेट चेंज और एल नीनो का ग्लोबल संकट चल रहा है, वहीं एशियाई महाद्वीप पर एक और बड़ी प्राकृतिक आपदा आई है। रिक्टर स्केल पर 7.0 तीव्रता के भयानक और विनाशकारी भूकंप ने भारत की सीमा से लगे तिब्बत के पठारी इलाके को हिला दिया है। गुरुवार रात आए इस भूकंप से इलाका लोगों की चीख-पुकार से दहल उठा। लोग डर के मारे अपने घरों से भागे, लेकिन कुछ ही पलों में सैकड़ों घर तबाह हो गए। इस भयानक आपदा में अब तक कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई है और 32 से ज़्यादा नागरिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

रात के अंधेरे में 300 से ज़्यादा घर ढह गए

भूकंप गुरुवार को लोकल टाइम के हिसाब से रात 10:33 बजे आया। गहरी नींद में सो रहे नागरिकों को संभलने का मौका नहीं मिला। चीन की सरकारी न्यूज़ एजेंसी ‘शिन्हुआ’ की दी गई जानकारी के मुताबिक, कुछ ही सेकंड में 300 से ज़्यादा घर ताश के पत्तों की तरह ढह गए। इस भूकंप ने कई परिवारों के करीबी लोगों की जान ले ली और कुछ ही पलों में हंसती-खेलती दुनिया को तबाह कर दिया। भूकंप की तीव्रता के कारण पूरे इलाके में बिजली सप्लाई और टेलीकम्युनिकेशन सर्विस पूरी तरह से ठप हो गई हैं और अंधेरा छा गया है।

उत्तरी तिब्बत का नागचू भूकंप का केंद्र बना

‘चाइना अर्थक्वेक नेटवर्क्स सेंटर’ और ‘अमेरिकन जियोलॉजिकल सर्वे’ (USGS) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र उत्तरी तिब्बत में नागचू इलाके के बाचेन काउंटी के मारू टाउनशिप में ज़मीन से 10 किलोमीटर नीचे था। यह इलाका तिब्बत की राजधानी ल्हासा से करीब 390 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में है। यह पूरा इलाका समुद्र तल से 4,864 मीटर की ऊंचाई पर और दूर-दराज के पहाड़ी इलाके में है। बहुत ज़्यादा ठंडे मौसम और मुश्किल इलाके की वजह से मदद और बचाव टीमों के लिए मौके पर पहुंचना और मलबा हटाना मुश्किल हो रहा है।

मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका; इमरजेंसी अलर्ट

शुक्रवार सुबह तक मिली जानकारी के मुताबिक, घायलों में से 11 की हालत गंभीर है। इमरजेंसी डिपार्टमेंट ने पूरे इलाके में अलर्ट जारी कर दिया है और बचाव दल युद्ध जैसा सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। इस बात की बहुत ज़्यादा संभावना है कि मलबे में और भी नागरिक फंसे हो सकते हैं, और प्रशासन नुकसान का सही-सही पता लगाने में लगा हुआ है।

यह भी पढ़ें-

रक्षा मंत्रालय का स्वच्छता अभियान, बेकार कमरे का कायाकल्प कर बनाई लाइब्रेरी!

Exit mobile version