कतर में ब्रिटिश नागरिक ने की पत्नी से छेड़छाड़ की शिकायत तो उस पर ही करवाई क़ानूनी कार्रवाई

कतर में ब्रिटिश नागरिक ने की पत्नी से छेड़छाड़ की शिकायत तो उस पर ही करवाई क़ानूनी कार्रवाई

A British citizen in Qatar complained of molestation of his wife and legal action was taken against him.

कतर की राजधानी दोहा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक ब्रिटिश नागरिक को अपनी पत्नी के साथ कथित छेड़छाड़ की शिकायत करने के बाद उस पर पीड़ित शिकायतकर्ता पर ही कानूनी कार्रवाई की गई। यह घटना 2025 की है लेकीन अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरने लगी है।

दरअसल क्रेग बैरट और उनकी पत्नी सारा बैरट शादी के बाद हनीमून के लिए कतर पहुंचे थे और रिट्ज-कार्लटन दोहा में ठहरे हुए थे। इसी दौरान होटल के स्विमिंग पूल क्षेत्र में सारा के साथ दो स्थानीय व्यक्तियों द्वारा कथित रूप से अनुचित व्यवहार किया गया।

बताया गया कि बातचीत के दौरान एक व्यक्ति ने सारा से उनका कमरा नंबर पूछते हुए उनके साथ जबरन संबंध बनाने की बात कही, जिसे सारा ने गंभीर खतरे के रूप में लिया। उन्होंने तुरंत अपने पति को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद क्रेग बैरट ने होटल प्रबंधन से शिकायत की।

शुरुआत में होटल प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कथित आरोपियों को हटाने और कार्रवाई का आश्वासन दिया। होटल के जनरल मैनेजर कार्लो जावाखिया ने सारा को संदेश भेजकर अनुचित व्यवहार के लिए माफी भी मांगी।

हालांकि, कुछ ही दिनों बाद वही व्यक्ति दोबारा होटल में दिखाई दिए, जिसके बाद दंपति ने होटल छोड़ने का फैसला किया। इस पर क्रेग बैरट ने होटल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की और एक ऑनलाइन रिव्यू में होटल को महिलाओं के लिए असुरक्षित भी बताया।

रिपोर्ट के मुताबिक, बाद में होटल की ओर से इस मामले को लेकर कतर की अथॉरिटीज के पास शिकायत दर्ज कराई गई, जिसमें क्रेग बैरट के ऑनलाइन रिव्यू और निजी संदेशों को आधार बनाया गया। इसके बाद कतर के साइबरक्राइम कानूनों के तहत उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया। फरवरी 2025 में अदालत ने क्रेग बैरट को अनुपस्थिति में दोषी ठहराते हुए एक सप्ताह की सजा, 20,000 कतर रियाल का जुर्माना और देश से निष्कासन का आदेश दिया।

बैरट ने इस फैसले को चुनौती देते हुए कतर सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की। हालांकि, दिसंबर 2025 में जब वह कतर से लौटने के लिए एयरपोर्ट पहुंचे, तो उन्हें हिरासत में ले लिया गया। अदालत ने सजा को बरकरार रखा, हालांकि जेल की सजा को निलंबित कर दिया गया।

क्रेग बैरट के अनुसार, उन्हें कई दिनों तक कठिन परिस्थितियों में हिरासत में रखा गया, जिसके बाद उन्हें देश से निष्कासित कर दिया गया और भविष्य में कतर आने पर प्रतिबंध लगा दिया गया।

यह मामला अब अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, विदेशी नागरिकों की सुरक्षा और कानूनी प्रक्रियाओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय बहस का विषय बन चूका है।

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