पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव के पहले चरण से पहले भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने सख्त कदम उठाते हुए रात में बाइक चलाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। आयोग ने यह फैसला स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया है।
जारी आदेश के अनुसार, चुनाव अवधि के दौरान शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक बाइक चलाने पर रोक रहेगी। हालांकि, मेडिकल इमरजेंसी, पारिवारिक आवश्यकताओं या अन्य वैध कारणों के लिए छूट दी गई है। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति को स्थानीय पुलिस स्टेशन से अनुमति लेनी होगी और उचित कारण बताना होगा।
आयोग ने पिलियन राइडिंग (बाइक पर पीछे बैठने) पर भी प्रतिबंध लगाया है। सुबह के समय भी पिलियन राइडिंग की अनुमति केवल मेडिकल आपातकाल या स्कूली बच्चों के लाने-ले जाने जैसे मामलों में ही दी गई है। चुनाव आयोग का मानना है कि बाइक रैलियों के जरिए मतदाताओं को डराने या प्रभावित करने की आशंका को देखते हुए यह कदम आवश्यक है।
बता दें कि पहले चरण में राज्य की 194 में से 152 विधानसभा सीटों पर मतदान होना है। चुनाव आयोग के अनुसार, संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोका जा सके। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने पहले भी कहा है कि आयोग निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाएगा। इसी क्रम में शराब की बिक्री पर भी कड़ा प्रतिबंध लगाया गया है।
राज्यभर में मतदान से 96 घंटे पहले सभी शराब की दुकानों को बंद कर दिया गया है। इसके तहत क्लब, पब और होटलों में भी शराब परोसने पर रोक लगा दी गई है। अचानक घोषित किए गए ‘ड्राई डे’ के कारण कई लोगों में असमंजस की स्थिति देखी गई।
कुछ लोगों ने सवाल उठाया है कि जहां केवल कुछ जिलों में मतदान होना है, वहां पूरे राज्य में प्रतिबंध क्यों लगाया गया। इस पर संबंधित विभाग के सूत्रों का कहना है कि चुनाव के दौरान शराब का उपयोग मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए किया जा सकता है, इसलिए एहतियात के तौर पर यह व्यापक प्रतिबंध लागू किया गया है।



