अडानी डिफेंस की हेलिकॉप्टर मैन्युफैक्चरिंग में एंट्री

इटली की कंपनी के साथ किया करार

अडानी डिफेंस की हेलिकॉप्टर मैन्युफैक्चरिंग में एंट्री

Adani Defence will now enter helicopter manufacturing.

भारत की रक्षा विनिर्माण में काम करने वाली अडानी ग्रुप की कंपनी अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने सोमवार (2 फरवरी) को वैश्विक एयरोस्पेस कंपनी लियोनार्डो के साथ रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की। इस सहयोग के तहत भारत में एक पूरी तरह एकीकृत हेलीकॉप्टर विनिर्माण इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा। दोनों कंपनियों के बीच यह साझेदारी एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) के माध्यम से औपचारिक रूप से स्थापित की गई है।

कंपनियों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य भारत में सैन्य हेलीकॉप्टर्स का विकास, निर्माण और दीर्घकालिक रखरखाव करना है, जिससे भारत को भविष्य में रोटरक्राफ्ट उत्पादन का वैश्विक केंद्र बनाया जा सके। यह परियोजना भारतीय सशस्त्र बलों की बढ़ती परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ सरकार की ‘आत्मनिर्भर भारत’ नीति को भी गति देगी।

प्रारंभिक चरण में यह साझेदारी लियोनार्डो के उन्नत AW169M और AW109 TrekkerM सैन्य हेलीकॉप्टर्स के लिए भारतीय सेना की आवश्यकताओं पर केंद्रित होगी। कार्यक्रम के तहत चरणबद्ध तरीके से स्वदेशीकरण, भारत में मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (MRO) सुविधाओं की स्थापना, तथा पायलट प्रशिक्षण क्षमताओं के विकास की योजना है। आगे चलकर इस इकोसिस्टम को नागरिक हेलीकॉप्टर मांग के समर्थन और वैश्विक सप्लाई चेन से जोड़ने की भी परिकल्पना की गई है।

लियोनार्डो की हेलीकॉप्टर डिज़ाइन और इंजीनियरिंग विशेषज्ञता तथा अडानी डिफेंस की विनिर्माण, सपोर्ट और रक्षा-औद्योगिक क्षमताओं को एक साथ लाकर एक मजबूत और स्थानीय उत्पादन आधार तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों के अनुसार, इस पहल से न केवल रक्षा तैयारियों में वृद्धि होगी, बल्कि इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और मेंटेनेंस जैसे क्षेत्रों में हजारों उच्च-कौशल रोजगार भी सृजित होंगे।

अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के सीईओ आशीष राजवंशी ने कहा कि अगले एक दशक में भारतीय सशस्त्र बलों को 1,000 से अधिक हेलीकॉप्टरों की आवश्यकता होने का अनुमान है। उनके अनुसार, यह साझेदारी स्वदेशीकरण को तेज करेगी, घरेलू सप्लाई चेन को मजबूत करेगी और भारत को विश्व-स्तरीय हेलीकॉप्टर विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करेगी।

वहीं, लियोनार्डो हेलीकॉप्टर्स के मैनेजिंग डायरेक्टर जियान पिएरो कुटिल्लो ने कहा कि उनकी कंपनी भारत की रोटरक्राफ्ट इंडस्ट्री को सशक्त बनाने की महत्वाकांक्षा का समर्थन कर प्रसन्न है। उन्होंने जोर दिया कि यह सहयोग दोनों भागीदारों की पूरक क्षमताओं का लाभ उठाकर भारत को आधुनिक हेलीकॉप्टर तकनीक और परिचालन क्षमताओं तक पहुंच प्रदान करेगा।

यह घोषणा भारत के उभरते एयरोस्पेस परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है, जो रक्षा स्वायत्तता को सुदृढ़ करने के साथ-साथ भारत को हेलीकॉप्टर निर्माण और रखरखाव का भरोसेमंद वैश्विक केंद्र बनाने की नींव रखती है।

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