भारत की जांच एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। लॉरेंस बिश्नोई का छोटा भाई और कुख्यात अपराधी अनमोल बिश्नोई को संयुक्त राज्य अमेरिका ने आधिकारिक तौर पर डीपोर्ट कर दिया है। वर्षों से फरार चल रहे अनमोल को अमेरिका से हटाए जाने की पुष्टि सीधे यूएस डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) ने की। अधिकारियों के अनुसार, वह बुधवार (19 नवंबर) को दिल्ली पहुंच सकता है।
पूर्व एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की अक्टूबर 2024 में हुई हत्या के बाद उनका परिवार इस केस में “विक्टिम ऑफ क्राइम” के रूप में पंजीकृत था। मंगलवार (18 नवंबर) को उन्हें DHS की ईमेल प्राप्त हुई, जिसमें लिखा था कि “अनमोल बिश्नोई को अमेरिका से निकाल दिया गया है” और उसकी डीपोर्टेशन 18 नवंबर 2025 को पूरी हुई। बाबा सिद्दीकी के बेटे और पूर्व विधायक ज़ीशान सिद्दीकी ने बताया कि उन्हें नियमित रूप से अपडेट मिल रहे थे और अब वे चाहते हैं कि मुंबई पुलिस अनमोल की गिरफ्तारी के बाद उससे गहराई से पूछताछ करे। उन्होंने कहा, “वह भारतीय नागरिक है और समाज के लिए खतरा है। उसे कड़ी पूछताछ की जरूरत है, ताकि मेरे पिता की हत्या और सलमान खान के घर के बाहर हुई फायरिंग में उसकी भूमिका स्पष्ट हो सके।”
पंजाब के फाज़िल्का का रहने वाला अनमोल 2021 में फर्जी पासपोर्ट के सहारे देश छोड़कर फरार हो गया था। जांचकर्ताओं का मानना है कि वह नेपाल, दुबई और केन्या जैसे देशों से होते हुए अंततः अमेरिका पहुंचा। अप्रैल 2023 में कैलिफ़ोर्निया के बेकर्सफील्ड में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में उसकी मौजूदगी सामने आई, जिससे उसके अमेरिका में होने की पुष्टि हुई। अमेरिकी एजेंसियों ने उसे फर्जी दस्तावेज़ों पर यात्रा करने के आरोप में काबू किया। उसे आयोवा के पोटावाटामी काउंटी जेल में रखा गया था, जहाँ से उसकी डीपोर्टेशन प्रक्रिया पूरी की गई।
अनमोल बिश्नोई के खिलाफ भारत में कम से कम 18 गंभीर मामले दर्ज हैं। इनमें सबसे अहम हैं, पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या की साज़िश और मुंबई के बांद्रा स्थित अभिनेता सलमान खान के घर के बाहर अप्रैल 2024 में हुई फायरिंग का नेतृत्व करना। इसके अलावा, अनमोल बिश्नोई सिद्धू मूसेवाला हत्या साज़िश में विदेश से समन्वय करने, गैंग के लिए फिरौती, धमकियों और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क चलाने का आरोपी है। NIA ने उसे मोस्ट वांटेड घोषित कर रखा है और उसके बारे में जानकारी देने पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
NIA अधिकारियों का कहना है कि विदेश में रहते हुए भी अनमोल बिश्नोई गैंग की गतिविधियों का मुख्य विदेश-आधारित हैंडलर था। वह वेस्ट एशिया, ईस्ट अफ्रीका और नॉर्थ अमेरिका तक फैले आपराधिक नेटवर्क को जोड़ने, धन के प्रवाह और हथियारों की आपूर्ति जैसे कामों में शामिल था। एजेंसियों का मानना है कि उसकी डीपोर्टेशन से गैंग के विदेशी नेटवर्क और वित्तीय चैनलों पर महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। एनआईए का यह भी दावा है कि अनमोल और गोल्डी बराड़ ने ड्रग ट्रैफिकिंग, हथियार सप्लाई और वसूली से पैसा जुटाया, जिसका इस्तेमाल कई हत्याओं और टारगेटेड हमलों को अंजाम देने में किया गया।
अनमोल के चचेरे भाई रमेश बिश्नोई ने कहा कि कानून अपना काम करेगा, परंतु जब उसे भारत लाया जाए तो उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उनके अनुसार, “हम कानून का सम्मान करते हैं… उसे सिर्फ लॉरेंस बिश्नोई का भाई होने की वजह से सज़ा दी जा रही है। जांच सब स्पष्ट कर देगी।”
अनमोल का नाम 24 मार्च 2023 की एनआईए चार्जशीट में शामिल है, जिसमें बिश्नोई गैंग और खालिस्तानी तत्वों के बीच संबंधों का विस्तृत विवरण है। चार्जशीट के अनुसार, वह अमेरिका में रहते हुए दर्मनजोत काहलों उर्फ दर्मन सिंह के साथ मिलकर गैंग की फंडिंग और लॉजिस्टिक मैनेजमेंट संभालता था। इसी तरह, ईडी भी बिश्नोई गिरोह की मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों की जांच कर रही है और माना जाता है कि गिरोह ने भारी मात्रा में अवैध धन विदेशों के माध्यम से घुमाया।
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