आक्रोशित ग्रामीणों ने इसे धार्मिक आस्था से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, रविवार सुबह श्रद्धालु रोज की तरह पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचे थे। इसी दौरान उनकी नजर मंदिर में स्थापित शिवलिंग पर पड़ी, जो खंडित अवस्था में था। मंदिर के भीतर तोड़फोड़ के निशान भी मिले।
घटना की सूचना गांव में फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मंदिर परिसर में जुट गए और विरोध जताने लगे। ग्रामीणों का आरोप है कि असामाजिक तत्वों ने जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और इलाके का सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की नीयत से इस घटना को अंजाम दिया है।
लोगों ने प्रशासन से दोषियों की शीघ्र पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कांके थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को शांत कराया। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को भरोसा दिलाया कि घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। एहतियात के तौर पर क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती भी बढ़ा दी गई है।
पुलिस ने बताया कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। साथ ही स्थानीय लोगों से पूछताछ कर संदिग्धों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
राम मंदिर में बढ़ रही है श्रद्धालुओं की संख्या, दान में भी कमी नहीं: दिनेंद्र दास!



