भारत को फुसलाकर पाकिस्तान से प्रेम करने की अमेरिकी नीतियों से नई दिल्ली भली भांति वाकिफ़ है। अमेरिका ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख और नए नवेले फैल्ड मार्शल असीम मुनीर को इस हफ्ते अमेरिका के दौरे बुलाया है, जहां उन्हें 14 जून को वॉशिंगटन डीसी में आयोजित होने वाली अमेरिकी सेना की 250वीं वर्षगांठ परेड में अतिथी सन्मान दिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, इस यात्रा के दौरान मुनीर अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट और पेंटागन के वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात कर सकते हैं।
मुनीर की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव अपने चरम पर है। अमेरिका से मिला यह आमंत्रण भारत में राजनीतिक हलकों में नाराजगी का कारण बन गया है। कांग्रेस नेता और पार्टी के संचार प्रमुख जयराम रमेश ने इस कदम को भारत की एक और कूटनीतिक हार बताकर राजनीतिक स्कोर करने में लगे है। उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, “यह वही व्यक्ति है जिसने पहलगाम हमलों से पहले भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल किया था। अमेरिका आखिर चाहता क्या है? यह भारत के लिए एक और बड़ा कूटनीतिक झटका है।”
मुनीर की यात्रा से कुछ दिन पहले ही अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रमुख जनरल माइकल कुरिल्ला ने अमेरिकी कांग्रेस में बयान देते हुए पाकिस्तान को ‘आतंकवाद विरोधी अभियानों में एक असाधारण साझेदार’ बताया था और आईएसआईएस-खुरासान के खिलाफ पाक योगदान की सराहना की थी। साउथ एशिया मामलों के विशेषज्ञ माइकल कुगेलमैन ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “असीम मुनीर और जनरल कुरिल्ला पिछले दो वर्षों में तीन बार मिल चुके हैं। उनकी आपसी सैन्य समझदारी मजबूत है। मुनीर का सेंटकॉम मुख्यालय रुकना भी संभव है।”
हालांकि पाकिस्तान और अमेरिका दोनों ने अब तक इस उच्च स्तरीय सैन्य बैठक की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। दूसरी ओर, मुनीर के अमेरिका दौरे का विरोध अब प्रवासी पाकिस्तानी भी करने लगे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने वॉशिंगटन में पाकिस्तानी दूतावास के बाहर विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है।
PTI के ओवरसीज़ मामलों के सचिव सज्जाद बुरकी ने ट्वीट किया, “व्हाइट हाउस को यह संदेश जाना चाहिए कि इस सरकार से किसी भी तरह की डील पाकिस्तान की जनता को स्वीकार नहीं है।” उन्होंने पाकिस्तानी-अमेरिकियों से 14 जून को विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, वॉशिंगटन के पाकिस्तानी-अमेरिकी इलाकों में इस विरोध प्रदर्शन को लेकर पोस्टर और पर्चे भी बांटे जा रहे हैं। इस बीच भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग करने के प्रयास तेज कर दिए हैं। ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के तहत भारत ने अब तक 33 देशों और यूरोपीय संघ में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजकर आतंकवाद के खिलाफ समर्थन मांगा है।
मुनीर की यह यात्रा रेखांकित करती है की अमेरिका भारत के साथ कोई कूटनीतिक साझेदारी से अधिक प्राथमिकता पाकिस्तान के साथ संबंध बनाकर रखने और आतंकवाद को दुर्लक्षित करने में देता है।
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