यूनिफॉर्म सिविल कोड अब तक लागू क्यों नहीं हो पाया, इस सवाल के जवाब में सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता विक्रमजीत बनर्जी ने कहा कि यूनिफॉर्म सिविल कोड का होना अत्यंत आवश्यक है, लेकिन यह कंप्रोमाइज का एक ऐसा विषय है, जिस पर अभी तक गंभीरता से काम नहीं किया गया।
चर्चा के दौरान सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता मोनिका अरोड़ा ने पूछा कि हम मथुरा में ‘हरे कृष्णा-हरे कृष्णा’ कब बोल पाएंगे। इस पर सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने कहा कि इस विषय पर केवल भावनात्मक नहीं, बल्कि बौद्धिक अभ्यास और ऐतिहासिक शोध के आधार पर आगे बढ़ना आवश्यक है।
विष्णु शंकर जैन ने कहा कि मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए 20 सितंबर 2020 को पहला सिविल सूट मथुरा की अदालत में दायर किया गया था। वर्तमान में इस मामले का ओरिजिनल ट्रायल इलाहाबाद हाईकोर्ट में चल रहा है, जहां अदालत ने इस मामले से संबंधित सभी सूट अपने पास मंगवा लिए हैं।
विष्णु शंकर जैन ने आगे कहा कि ट्रायल की प्रक्रिया जारी है और इसमें कुछ समय लगना स्वाभाविक है, लेकिन उन्हें पूरा विश्वास है कि जब यह मामला अपने निष्कर्ष पर पहुंचेगा, तो जहां भगवान कृष्ण ने जन्म लिया, वहां हमें जल्द ही पूरे पाठ का अधिकार मिलेगा।
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