बांग्लादेश में एक चौंकाने वाली घटना के बाद हिंदू पुलिसकर्मी को गिरफ्तार किया गया है। रविवार (17 अगस्त) को चटगांव मेट्रोपॉलिटन पुलिस (CMP) के एक कांस्टेबल आमी दास को अवामी लीग (Awami League) प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने के आदेश लीक करने के आरोप में हिरासत में लिया गया। अदालत ने मंगलवार (19 अगस्त) को उन्हें तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
सूत्रों के मुताबिक, आमी दास चटगांव के खुलशी थाने में वायरलेस ऑपरेटर के पद पर तैनात थे। 12 अगस्त को उन्हें वायरलेस मैसेज मिला कि अवामी लीग प्रदर्शनकारियों पर आत्मरक्षा में गोली चलाई जाए। यह आदेश एक दिन पहले उप-निरीक्षक के घायल होने की घटना के बाद दिया गया था। आरोप है कि दास ने इस संवेदनशील संदेश को लीक कर दिया और उसे व्हाट्सऐप व सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। आदेश वायरल होने के बाद सीएमपी कमिश्नर हसीब अज़ीज़ को भारी शर्मिंदगी उठानी पड़ी। मामले की आंतरिक जांच बैठाई गई, जिसके बाद दास को गिरफ्तार कर लिया गया।
आमी दास पर ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट, 1923 और साइबर सुरक्षा अध्यादेश के तहत मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि संवेदनशील आदेश लीक कर उन्होंने सरकारी गोपनीयता का उल्लंघन किया और इससे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ा।
गौरतलब है कि शेख हसीना के सत्ता से बाहर होने के बाद से अवामी लीग के नेताओं और समर्थकों पर हमले और हत्याएं बढ़ गई हैं। पार्टी को राजनीतिक रूप से दरकिनार कर दिया गया है, जबकि उससे जुड़ी छात्र और युवा इकाइयों को भंग कर दिया गया है। यूनुस सरकार ने ‘तानाशाही के खिलाफ लड़ाई’ के नाम पर अवामी लीग की राजनीतिक गतिविधियों पर रोक लगा है। यहां तक कि पार्टी के इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन में उसके योगदान को भी मिटाने की कोशिशें हुईं है।
आमी दास की गिरफ्तारी इस बात को रेखांकित करती है कि बांग्लादेश में मौजूदा राजनीतिक हालात कितने अस्थिर हैं। एक ओर पुलिस और प्रशासन पर निष्पक्षता खोने का आरोप लग रहा है, वहीं दूसरी ओर विपक्षी आवाज़ों को दबाने की कोशिशें तेज़ हैं।
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