बांग्लादेश में हिंसक प्रदर्शनों के बीच छात्र नेता हादी की हत्या के बाद तनाव देखा जा रहा है। कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हैं। कट्टरपंथी छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद भड़के हिंसक प्रदर्शनों के बीच सोमवार (22 दिसंबर) को एक और हमले की गंभीर घटना सामने आई है। नेशनल सिटिज़न्स पार्टी (NCP) से मजदूरों के वरिष्ठ नेता एमडी मोतालेब सिकदर को खुलना में सिर में गोली मारी गई।
42 वर्षीय मोतालेब सिकदर को सोमवार(22 दिसंबर) दोपहर करीब 12:15 बजे खुलना के सोनाडांगा इलाके में एक मकान के भीतर गोली मारी गई। एनसीपी की खुलना महानगर यूनिट के आयोजक सैफ नवाज़ ने बांग्लादेशी अख़बार प्रोथोम आलो को बताया कि सिकदर पार्टी की मजदुर यूनियन के आयोजक और खुलना डिवीजनल कन्वीनर हैं।
पार्टी नेताओं के अनुसार, सिकदर आगामी दिनों में होने वाली डिवीजनल श्रमिक रैली की तैयारियों में सक्रिय रूप से शामिल थे। शुरुआती रिपोर्टों में उनकी हालत गंभीर बताई गई थी, हालांकि बाद में पार्टी सूत्रों ने कहा कि गोली सिर को छूते हुए निकल गई और फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर है।
यह फायरिंग ऐसे समय में हुई है, जब बांग्लादेश पहले से ही छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद फैले विरोध प्रदर्शनों और अशांति से जूझ रहा है।
शरीफ उस्मान हादी पिछले वर्ष के जुलाई छात्र आंदोलन में जुड़ा था, 12 दिसंबर को उसे ढाका के बिजयनगर इलाके में गोली मारी गई थी। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मोटरसाइकिल पर सवार दो हमलावरों ने ऑटो के पास आकर उनके सिर में गोली मारी।
घायल हादी को पहले ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने गंभीर ब्रेन स्टेम डैमेज की पुष्टि की। हालत नाजुक होने के कारण उन्हें 15 दिसंबर को सिंगापुर एयरलिफ्ट किया गया और सिंगापुर जनरल हॉस्पिटल के न्यूरोसर्जिकल आईसीयू में भर्ती कराया गया। हालांकि, सिंगापुर के विदेश मंत्रालय ने बाद में बताया कि तमाम चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद 18 दिसंबर को उनकी मृत्यु हो गई।
हादी इंकिलाब मंच (Platform for Revolution) का प्रवक्ता था और बांग्लादेश के 2024 के छात्र आंदोलन में एक प्रमुख चेहरे के तौर पर देखा जाता था। भारत और बांग्लादेश की आंतरिक राजनीति में भारत की भूमिका को लेकर हादी की आलोचनात्मक टिप्पणियां अक्सर चर्चा में रहती थीं।
खुलना में एनसीपी नेता पर हुई ताजा फायरिंग ने हालात को और संवेदनशील बना दिया है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने दोनों घटनाओं की जांच तेज कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि हालात पर नजर रखी जा रही है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
यह भी पढ़ें:
मुस्लिम सहकर्मियों ने ही इस्तीफा दिलाकर हिंदू युवक को इस्लामी भीड़ के हवाले किया था !



