रिपोर्ट के अनुसार, बेंगलुरु, मुंबई और दिल्ली की वार्षिक वृद्धि दर क्रमशः 10.2 प्रतिशत, 8.7 प्रतिशत और 3.9 प्रतिशत है। बेंगलुरु दुनिया भर में चौथे स्थान पर रहा, जबकि मुंबई और दिल्ली क्रमशः छठे और 15वें स्थान पर रहे।
नाइट फ्रैंक इंडिया के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक शिशिर बैजल ने कहा, “भारत के प्रमुख आवासीय बाजारों ने महत्वपूर्ण प्रगति और मजबूती दिखाई है और ऐसे वर्ष में भी अपनी अलग पहचान बनाए रखी है, जब वैश्विक विकास की गति धीमी रही है। बेंगलुरु का टेक ड्रिवन वेल्थ क्रिएशन, मुंबई का नया इंफ्रास्ट्रक्चर-आधारित आकर्षण और दिल्ली की स्थिर लग्जरी मांग ने सामूहिक रूप से भारत को ग्लोबल स्पॉटलाइट में बनाए रखा है।”
बैजल ने आगे कहा कि हमारा अनुमान है कि निरंतर आर्थिक स्थिरता, शहरी पुनर्विकास और दीर्घकालिक संपत्ति भंडार के रूप में प्रमुख संपत्तियों की लोकप्रियता आने वाले महीनों में मूल्य वृद्धि को बढ़ावा देगी।
वैश्विक स्तर पर, सियोल 25.2 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि के साथ शीर्ष पर रहा, उसके बाद 16.3 प्रतिशत के साथ टोक्योऔर 15.8 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि के साथ दुबई का स्थान रहा।
रिपोर्ट के अनुसार, दुबई 15.8 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि, मनीला 9.1 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि, बैंकॉक 7.1 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि, मैड्रिड 6.4 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि और नैरोबी 5.6 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि के साथ टॉप 15 की सूची में शामिल अन्य बढ़ते आवासीय बाजार हैं।
नाइट फ्रैंक के ग्लोबल रिसर्च हेड लियाम बेली ने कहा, “प्रमुख बाजार सामूहिक रूप से राहत की सांस ले रहे हैं। हाल की तिमाहियों में हमने जो सुधार देखा है, वह कम उधारी लागत की उम्मीद से प्रेरित था, और अब उस समय सीमा के आगे बढ़ने के साथ, मूल्य वृद्धि में कमी आना लाजमी है।”
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