नेपाल के रौतहट जिले के गौर जेल से हाल ही में पांच कैदी हिंसा और तनाव के बीच फरार हो गए थे। बुधवार को भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मोतिहारी जिले के कुंडवा चैनपुर बॉर्डर के समीप महुलिया बॉर्डर से सभी फरार कैदियों को धर दबोचा। इस घटना ने एक ओर जहां नेपाल की जेल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, वहीं भारत की चौकस सीमा सुरक्षा की पुष्टि भी की है।
जानकारी के अनुसार, कैदी नेपाल में जारी विद्रोह और अशांति का फायदा उठाकर जेल की दीवार तोड़कर फरार हो गए थे। पकड़े गए सभी आरोपी नेपाल के ही निवासी हैं। एसएसबी की 20वीं बटालियन, सीतामढ़ी के कमांडेंट गिरीशचंद्र पांडेय ने पुष्टि करते हुए बताया कि कुंडवा चैनपुर बॉर्डर पर तैनात टीम ने ही इन फरार कैदियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार कैदियों की पहचान रौतहट जिले के गौर गढ़वा वार्ड नंबर-5 निवासी विश्वनाथ यादव, रवि यादव, राहुल राय यादव, चंद्रानिकाहपुर निवासी सूरज राय और गरुवा निवासी राम विनोद प्रसाद के रूप में हुई है। जांच के बाद सभी को कुंडवा चैनपुर थाना पुलिस के हवाले किया गया।
थानाध्यक्ष मनीष कुमार ने बताया कि आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद कैदियों को नेपाल की महुलिया पुलिस को सौंप दिया गया है। यह घटना दोनों देशों के बीच सीमा सुरक्षा और आपसी सहयोग की मजबूती का उदाहरण पेश करती है।
नेपाल में जारी हिंसा के कारण जेल से कैदियों का इस तरह भाग निकलना गंभीर चिंता का विषय है। वहीं, भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता ने किसी बड़े संकट को टाल दिया।
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