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Tuesday, October 20, 2026
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विंबलडन का ‘दिल’ सेंटर कोर्ट, जानिए कैसे हुई शुरुआत और क्या है खासियत! 

विंबलडन की जब शुरुआत हुई, तो इसके पहली बार आयोजन के लिए कोर्ट पर ग्रिड पैटर्न बिछाया गया था। हालांकि, 1881 में इन दो कोर्ट्स को मिलाकर एक मुख्य कोर्ट तैयार किया गया| 

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टेनिस के खेल में ‘विंबलडन’ सबसे पुराना और प्रतिष्ठित टूर्नामेंट है। पहली बार विंबलडन का आयोजन साल 1877 में हुआ था। घास पर खेले जाने वाले इस लोकप्रिय टूर्नामेंट में सेंटर कोर्ट को खास अहमियत दी जाती है। सेंटर कोर्ट को विंबलडन का ‘दिल’ भी कहा जाता है, जहां टूर्नामेंट के कई ऐतिहासिक मुकाबले खेले जा चुके हैं।

विंबलडन की जब शुरुआत हुई, तो इसके पहली बार आयोजन के लिए कोर्ट पर ग्रिड पैटर्न बिछाया गया था। हालांकि, 1881 में इन दो कोर्ट्स को मिलाकर एक मुख्य कोर्ट तैयार किया गया, जो बिल्कुल सेंट्रल में था और तब से इसका नाम सेंटर कोर्ट पड़ा। सेंटर कोर्ट की शुरुआत 1922 में हुई थी, जब विंबलडन चैंपियनशिप अपने नए परिसर ऑल इंग्लैंड लॉन टेनिस एंड क्रोके क्लब में शिफ्ट हुआ।

सेंटर कोर्ट का इस्तेमाल पूरे साल में सिर्फ दो हफ्ते के लिए विंबलडन के दौरान होता है। इन दो हफ्तों के लिए पूरे साल इस कोर्ट का खास ध्यान रखा जाता है। इस बात पर सबसे ज्यादा फोकस किया जाता है कि सेंटर कोर्ट की घास की गुणवत्ता सर्वश्रेष्ठ बनी रहे। सेंटर कोर्ट के लिए सिर्फ बारहमासी राई घास का इस्तेमाल किया जाता है, जिसकी लंबाई को ज्यादातर 8 मिलीमीटर ही रखा जाता है।

विंबलडन के सेंट्रल कोर्ट में एक रॉयल बॉक्स की व्यवस्था भी है। इस विशेष रॉयल बॉक्स की एक खास परंपरा है। इस बॉक्स में ब्रिटिश शाही परिवार और अन्य खास अतिथियों को मैच के दौरान बैठाया जाता है। विंबलडन के मुकाबले को बारिश से बचाने के लिए साल 2009 में अत्याधुनिक रिट्रेक्टेबल (पुल-इन) छत लगाई गई। इसकी मदद से बारिश होने की स्थिति में 10 मिनट के भीतर खुली छत को बंद करके मैच का आयोजन किया जा सकता है।

सेंटर कोर्ट में विंबलडन के ज्यादातर बड़े और ऐतिहासिक मुकाबले ही खेले जाते हैं, जिसमें पुरुष और महिला एकल का खिताबी मुकाबला शामिल रहता है। सेंटर कोर्ट पर खेलने के लिए खिलाड़ियों को सफेद कपड़ों में ही उतरना अनिवार्य है। इसके साथ ही कोर्ट के चारों तरफ किसी भी तरह के व्यावसायिक विज्ञापन बोर्ड को लगाने की अनुमति नहीं है। ऐसा कोर्ट के पारंपरिक स्वरूप को बरकरार रखने के लिए किया जाता है।

सेंटर कोर्ट पर विंबलडन के कई यादगार मैच खेले जा चुके हैं। टेनिस के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी रोजर फेडरर ने अपने 8 खिताब इसी कोर्ट पर जीते हैं। इसके साथ ही साल 2008 में फेडरर और राफेल नडाल के बीच ऐतिहासिक फाइनल मुकाबला भी इसी कोर्ट पर खेला गया था। सेंटर कोर्ट 2019 में हुए नोवाक जोकोविच और फेडरर के बीच विंबलडन इतिहास के सबसे लंबे एकल फाइनल मुकाबले का भी गवाह बना था।

सेंटर कोर्ट केवल एक टेनिस कोर्ट नहीं, बल्कि खेल इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यहां जीत हासिल करना किसी भी खिलाड़ी के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में माना जाता है। यही कारण है कि जब भी विंबलडन की बात होती है, सेंटर कोर्ट का नाम सबसे पहले लिया जाता है। यह कोर्ट परंपरा, सम्मान और महान मुकाबलों का ऐसा मंच है, जिसकी चमक आज भी बरकरार है।

 
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