वित्त मंत्रालय ने कहा कि केंद्र ने इस अवधि के दौरान कर राजस्व के रूप में राज्य सरकारों को 4,28,544 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए हैं, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 61,914 करोड़ रुपए अधिक है।
इस अवधि के दौरान केंद्र द्वारा किया गया कुल व्यय 15,63,625 करोड़ रुपए है, जो 2025-26 के संबंधित बजट अनुमान का 30.9 प्रतिशत है। इसमें से 12,16,699 करोड़ रुपए राजस्व खाते में से और 3,46,926 करोड़ रुपए पूंजी खाते में से खर्च किए गए हैं।
कुल राजस्व व्यय में ब्याज भुगतान 4,46,690 करोड़ रुपए है, जबकि सब्सिडी 1,13,592 करोड़ रुपए है।
समीक्षा अवधि में राजमार्गों, रेलवे, बंदरगाहों और बिजली क्षेत्रों में बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर सरकार का पूंजीगत व्यय एक साल पहले के 2.6 लाख करोड़ रुपए की तुलना में 3.5 लाख करोड़ रुपए को पार कर गया है।
सरकार का राजकोषीय घाटा भी पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित बजट अनुमान के 29.9 प्रतिशत पर नियंत्रण में है।
राजकोषीय घाटे में कमी अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाती है। इससे सरकार की उधारी में कमी आती है, जिससे बैंकिंग क्षेत्र में कॉर्पोरेट और उपभोक्ताओं को ऋण देने के लिए अधिक धनराशि बचती है, जिससे आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलता है। कम राजकोषीय घाटा मुद्रास्फीति को नियंत्रण में रखने में भी मदद करता है।
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