ये 30 कैडर साउथ सब जोनल ब्यूरो से जुड़े थे, जिनमें 20 महिलाएं और 10 पुरुष शामिल हैं। इन पर कुल 85 लाख रुपए का इनाम घोषित था। इनमें कंपनी कमांडर, एरिया कमेटी सदस्य, पार्टी सदस्य, डीएकेएमएस और केएएमएस अध्यक्ष और जनताना सरकार के अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे लोग शामिल हैं। इन कैडरों ने स्वेच्छा से एक कार्डेक्स वायर बंडल और 50 जिलेटिन स्टिक्स सुरक्षा बलों को सौंप दिए।
यह आत्मसमर्पण उप पुलिस महानिरीक्षक केरिपु ऑप्स बीजापुर सेक्टर बीएस नेगी, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के सामने हुआ।
बीजापुर पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने कहा कि माओवादी भ्रामक और हिंसक विचारधाराओं को छोड़कर निर्भर होकर समाज में लौटें। ‘पूना मारगेम’ नीति उनके सुरक्षित, सम्मानजनक और स्वावलंबी भविष्य के लिए हर मदद कर रही है।
1 जनवरी 2024 से अब तक बीजापुर जिले में 918 माओवादी मुख्यधारा में लौट चुके हैं, 1163 गिरफ्तार हुए और 232 मुठभेड़ों में मारे गए। राज्य सरकार की नक्सल उन्मूलन नीति, सुरक्षा बलों की कार्रवाई और शांति-संवाद-विकास के समन्वित प्रयासों से यह सफलता मिली है। पुनर्वास प्रक्रिया में प्रत्येक कैडर को 50 हजार रुपये की तात्कालिक सहायता दी गई है। विधिक प्रक्रिया जारी है, ताकि ये लोग सम्मानजनक जीवन जी सकें।
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