चीन के शीर्ष जनरल पर अमेरिका को परमाणु रहस्य लीक करने का आरोप

 शी जिनपिंग के करीबी पर जांच से चीन में हड़कंप

चीन के शीर्ष जनरल पर अमेरिका को परमाणु रहस्य लीक करने का आरोप

China's top general accused of leaking nuclear secrets to the US.

चीन के शीर्ष सैन्य जनरल और सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (सीएमसी) के उपाध्यक्ष जनरल झांग योउशिया के खिलाफ गंभीर आरोपों की जांच शुरू होने से देश के भीतर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मच गई है। आरोपों में भ्रष्टाचार के साथ-साथ अमेरिका को चीन के परमाणु हथियार कार्यक्रम से जुड़े कोर तकनीकी जानकारी लीक करने के आरोप शामिल है।

रिपोर्ट के अनुसार, वरिष्ठ चीनी सैन्य अधिकारियों के लिए एक उच्चस्तरीय आंतरिक ब्रीफिंग आयोजित की गई थी, जो जांच की सार्वजनिक घोषणा से कुछ समय पहले हुई थी उस समय उजागर हुआ। चीन के रक्षा मंत्रालय ने जांच की पुष्टि करते हुए कहा कि जनरल झांग के खिलाफ  अनुशासन और कानून के गंभीर उल्लंघन के आरोपों पर कार्रवाई की जा रही है, हालांकि विस्तृत जानकारी नहीं दी गई।

द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में कहा गया है कि झांग पर सैन्य पदोन्नति के बदले बड़ी रिश्वत लेने, राजनीतिक गुट बनाने, सीएमसी के भीतर अधिकारों का दुरुपयोग करने और सैन्य खरीद प्रणाली में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने जैसे आरोप भी लगे हैं। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि उनके प्रभाव में पदोन्नत अधिकारियों के मोबाइल उपकरण जब्त किए गए हैं, जिससे जांच की गंभीरता का संकेत मिलता है।

चीन के सैन्य तंत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ व्यापक अभियान चल रहा है, जिसे पूर्व रक्षा मंत्री ली शांगफू की बर्खास्तगी से भी जोड़ा जा रहा है। इस अभियान का लक्ष्य न केवल व्यक्तियों को बल्कि वर्षों से सैन्य निर्णय प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले प्रभावशाली नेटवर्क को तोड़ना बताया जा रहा है।

चीनी अधिकारियों ने अब तक परमाणु डेटा लीक के आरोपों की सार्वजनिक पुष्टि नहीं की है। वॉशिंगटन में चीनी दूतावास के एक प्रवक्ता ने कहा कि यह जांच कम्युनिस्ट पार्टी की भ्रष्टाचार के खिलाफ पूर्ण कवरेज और शून्य सहिष्णुता नीति को दर्शाती है। परमाणु पहलू पर पुष्टि न होने के बावजूद, इस मामले ने चीन और अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों के बीच अटकलों को जन्म दिया है।

एशिया सोसाइटी पॉलिसी इंस्टीट्यूट के चीन विशेषज्ञ नील थॉमस ने परमाणु रहस्य लीक के दावे पर संदेह जताते हुए कहा कि चीन की परमाणु प्रणाली पर सख्त नियंत्रण और वरिष्ठ पीएलए जनरलों की कड़ी निगरानी के कारण ऐसा होना कठिन है। उन्होंने कहा कि रिश्वत और भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप पहले के मामलों से अधिक मेल खाते हैं और आंतरिक ब्रीफिंग हमेशा पूरी तरह सत्यापित जानकारी नहीं देती।

75 वर्षीय झांग को राष्ट्रपति शी जिनपिंग का करीबी और पीएलए कमांड संरचना का प्रमुख स्तंभ माना जाता था। उनके खिलाफ जांच को हाल के दशकों में किसी शीर्ष जनरल पर सबसे बड़ा कदम बताया जा रहा है। 2023 से अब तक 50 से अधिक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और रक्षा उद्योग से जुड़े अधिकारी जांच के दायरे में आ चुके हैं, जिससे सैन्य नेतृत्व में व्यापक बदलाव देखा जा रहा है।

सोशल मीडिया पर झांग और अन्य जनरलों की गिरफ्तारी, सुरक्षा बलों की झड़पें और हजारों सैनिकों को नियंत्रण में लेने जैसे अपुष्ट दावे भी वायरल हुए हैं, हालांकि इनकी पुष्टि न तो चीनी अधिकारियों ने की है और न ही पश्चिमी खुफिया एजेंसियों ने।

यह भी पढ़ें:

अनुशासन में छिपी है सेहत की ‘आजादी’, अपनाएं हेल्दी आदतें

याददाश्त बढ़ाने का आसान तरीका, जानिए क्या है हाकिनी योग मुद्रा

‘द 50’ में युविका चौधरी का आत्मविश्वासी आगाज, अपनी पहचान के साथ उतरने का ऐलान!

Exit mobile version