ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान में मौजूद थे चीनी इंजीनियर: चीन का बड़ा खुलासा

J-10CE लड़ाकू विमानों को दिया तकनीकी समर्थन

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान में मौजूद थे चीनी इंजीनियर: चीन का बड़ा खुलासा

Operation Sindoor, Chinese Engineers in Pakistan, J-10CE Fighter Jets, India Pakistan Conflict 2025, AVIC China Pakistan

भारत और पाकिस्तान के बीच मई 2025 में हुए चार दिवसीय सैन्य संघर्ष “ऑपरेशन सिंदूर” को लेकर चीन ने पहली बार बड़ा खुलासा किया है। चीन ने स्वीकार किया है कि उसके एविएशन इंजीनियर संघर्ष के दौरान पाकिस्तान में मौजूद थे और उन्होंने पाकिस्तान वायुसेना के चीनी मूल के J-10CE लड़ाकू विमानों को तकनीकी सहायता प्रदान की थी। यह जानकारी चीन के सरकारी प्रसारक CCTV को दिए गए इंटरव्यू और चीन के विमानन उद्योग निगम (AVIC) से जुड़े अधिकारियों के बयानों के जरिए सामने आई है।

रिपोर्ट के अनुसार, AVIC के चेंगडू विमान डिजाइन और अनुसंधान संस्थान के इंजीनियर झांग हेंग और शू दा मई 2025 में पाकिस्तान के एक एयरबेस पर तैनात थे। उनका मुख्य काम यह सुनिश्चित करना था कि पाकिस्तान वायुसेना के J-10CE लड़ाकू विमान पूर्ण युद्ध क्षमता के साथ संचालन कर सकें।

झांग हेंग ने संघर्ष के दौरान की परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा, “सपोर्ट बेस पर हम लगातार लड़ाकू विमानों की उड़ान की आवाज और एयर-रेड सायरन सुनते थे। मई की सुबह होते-होते तापमान लगभग 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता था। यह मानसिक और शारीरिक रूप से हमारे लिए बेहद कठिन परीक्षा थी।”

वहीं शू दा ने J-10CE लड़ाकू विमान की क्षमता को लेकर कहा, “हमने इसे तैयार किया, इसकी देखभाल की और अंततः इसे उपयोगकर्ता को सौंप दिया। अब यह एक बड़े परीक्षण का सामना कर रहा था।” उन्होंने आगे कहा, “J-10CE ने जो शानदार परिणाम दिए, उससे हमें ज्यादा आश्चर्य नहीं हुआ। यह अचानक नहीं था बल्कि लगभग तय था। विमान को सिर्फ सही अवसर की जरूरत थी, और जब वह समय आया तो उसने वही प्रदर्शन किया जिसकी हमें उम्मीद थी।”

J-10CE चीन के J-10C फाइटर जेट का एक्सपोर्ट वेरिएंट है और इसे 4.5 जनरेशन लड़ाकू विमान माना जाता है। इसमें AESA रडार और लंबी दूरी की एयर-टू-एयर मिसाइलें लगाने की क्षमता है। पाकिस्तान चीन के बाहर इस विमान का एकमात्र विदेशी ऑपरेटर है। हाल के वर्षों में पाकिस्तान के लगभग 80 प्रतिशत हथियार आयात चीन से हुए हैं, जिनमें J-10CE और PL-15 मिसाइलें प्रमुख हैं।

यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि अब तक चीन की भूमिका को लेकर केवल अटकलें लगाई जा रही थीं। पहले यह माना जा रहा था कि चीन पाकिस्तान को सैटेलाइट इंटेलिजेंस और तकनीकी सहयोग दे रहा था, लेकिन अब पहली बार चीनी अधिकारियों ने सीधे तौर पर स्वीकार किया है कि उनके इंजीनियर पाकिस्तान में मौजूद थे।

ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद हुई थी, जिसमें 26 नागरिकों को पाकिस्तानी आतंकियों ने निर्दयता की साथ मार दिया था। इसके जवाब में भारत ने 7 मई 2025 को पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में स्थित नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए थे। इसके बाद दोनों देशों के बीच चार दिनों तक हवाई और मिसाइल संघर्ष चला। वहीं भारत ने पाकिस्तान के 11 एयरबेसेस पर मात्र 90 मिनट में ताबड़तोड़ हमलें किए, परिणामस्वरूप पाकिस्तान ने भारत से संघर्षविराम की विनती की।

पाकिस्तान ने इस संघर्ष के दौरान अपने चीनी मूल के J-10CE लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया। पाकिस्तान का दावा था कि उसने संघर्ष के दौरान कम से कम एक भारतीय राफेल लड़ाकू विमान को मार गिराया था, हालांकि भारत की ओर से इस दावे की ख़ारिज किया गया।

यह भी पढ़ें:

आत्मनिर्भर भारत! ‘टारा’ ग्लाइड वेपन सिस्टम का सफल परीक्षण

अश्वगंधा की पत्तियां नहीं, सिर्फ जड़ है सुरक्षित: आयुष मंत्रालय

बांग्लादेश में खसरे का बढ़ता संकट, टेस्टिंग किट की भारी कमी से जांच ठप होने का खतरा

पारस डिफेंस विकसित करेगी ‘RayStrike-9’ हाई-पावर लेजर हथियार प्रणाली

Exit mobile version