29.6 C
Mumbai
Friday, June 26, 2026
होमन्यूज़ अपडेटआत्मनिर्भर भारत! ‘टारा’ ग्लाइड वेपन सिस्टम का सफल परीक्षण

आत्मनिर्भर भारत! ‘टारा’ ग्लाइड वेपन सिस्टम का सफल परीक्षण

कम लागत में दुश्मन के जमीनी ठिकानों को अधिक प्रभावी ढंग से नष्ट करना होगा संभव

Google News Follow

Related

भारत ने स्वदेशी हथियार प्रणाली ‘टैक्टिकल एडवांस्ड रेंज ऑग्मेंटेशन’ (टारा) की पहली सफल उड़ान परीक्षण पूरा कर लिया है। यह परीक्षण 7 मई को ओडिशा तट के पास रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन और भारतीय वायु सेना द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। ‘टारा’ एक विशेष ‘ग्लाइड वेपन सिस्टम’ है, जो सामान्य बिना मार्गदर्शन वाले बम और वॉरहेड्स को अत्याधुनिक ‘प्रिसिजन गाइडेड’ हथियारों में बदल देती है। आसान शब्दों में कहें तो अब साधारण हथियार भी अपने लक्ष्य पर अधिक सटीकता से हमला कर सकेंगे।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस प्रणाली से कम लागत में दुश्मन के जमीनी ठिकानों को अधिक प्रभावी तरीके से नष्ट करना संभव होगा। डीआरडीओ के हैदराबाद स्थित रिसर्च सेंटर इमारत ने अन्य प्रयोगशालाओं के सहयोग से इस प्रणाली को विकसित किया है। ‘टारा’ की खासियत यह है कि इसमें अत्याधुनिक लेकिन कम खर्चीली तकनीक का उपयोग किया गया है। इससे हथियारों की मारक क्षमता और लक्ष्य भेदने की सटीकता दोनों बढ़ती हैं। इस परियोजना में भारतीय उद्योगों की भी महत्वपूर्ण भागीदारी रही। ‘डेवलपमेंट कम प्रोडक्शन पार्टनर्स’ (DCPP) और अन्य भारतीय कंपनियों ने इसके विकास में सहयोग किया है और अब इसके उत्पादन की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफल परीक्षण के लिए डीआरडीओ, भारतीय वायुसेना और उद्योग क्षेत्र को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह परीक्षण भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। वहीं रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ अध्यक्ष समीर वी. कामत ने भी वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और पूरी टीम की सराहना की।

विशेषज्ञों के अनुसार, ‘टारा’ जैसी स्वदेशी प्रणाली भारतीय वायुसेना को भविष्य के युद्ध अभियानों में अधिक सटीक और कम लागत वाले विकल्प उपलब्ध कराएगी। इससे विदेशी तकनीक पर निर्भरता कम होगी और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को भी मजबूती मिलेगी।

इस बीच, कुछ दिन पहले ही डीआरडीओ और भारतीय नौसेना ने संयुक्त रूप से ‘नेवल एंटी-शिप मिसाइल, शॉर्ट रेंज’ (NASM-SR) का सफल सल्वो लॉन्च किया था। यह परीक्षण बंगाल की खाड़ी में ओडिशा तट के पास किया गया। समुद्री सुरक्षा के लिहाज से इसे बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। खास बात यह रही कि पहली बार किसी हेलिकॉप्टर से बेहद कम समय में दो नेवल एंटी-शिप मिसाइल दागी गईं। परीक्षण के दौरान दोनों मिसाइलों ने सभी उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया। इसके लिए विशेष रडार, इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सिस्टम और टेलीमेट्री जैसे अत्याधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया गया। ये उपकरण चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज द्वारा तैनात किए गए थे। परीक्षण के दौरान मिसाइलों ने ‘वॉटरलाइन हिट’ क्षमता का भी सफल प्रदर्शन किया। यानी ये दुश्मन के जहाजों को पानी की सतह के बेहद करीब सटीक निशाना बनाकर अधिक नुकसान पहुंचाने में सक्षम हैं।

यह भी पढ़ें:

“सोमनाथ मंदिर हमारी संस्कृति के अटूट संकल्प का प्रतीक”

ISI की आतंकी साजिश नाकाम, 9 आतंकी गिरफ्तार

युजवेंद्र चहल के ‘वेप स्मोकिंग वीडियो’ पर बढ़ा बवाल!

सुवेंदु अधिकारी होंगे पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री, भाजपा विधायक दल ने चुना नेता

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,273फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
317,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें