हर्षिल में सेना के लगभग 11 जवानों के लापता होने की खबर है, जबकि सुखी टॉप क्षेत्र से फिलहाल किसी हताहत की सूचना नहीं है।
ऋषिकेश-उत्तरकाशी हाईवे प्रभावित हुआ है, जिससे बचाव कार्य में बाधा आ रही है। बादल फटने के साथ-साथ कई स्थानों पर भूस्खलन भी हुआ है, जिससे उत्तरकाशी-हर्षिल मार्ग बह गया है। सेना, आईटीबीपी और एनडीआरएफ की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं।
धराली गांव में लगभग 200 लोग फंसे हुए हैं, जहां राहतकर्मी 25 फीट ऊंचे मलबे में रास्ता बनाने की कोशिश कर रहे हैं। वहां से एक 32 वर्षीय युवक का शव बरामद हुआ है।
#uttarkashi का धराली गांव…बादल फटा और सब कुछ बहा ले गया!
ये सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा नहीं है, ये प्रकृति की चेतावनी है। अगर अब भी हम नहीं रुके तो विनाश बस कुछ कदम दूर है।
मनुष्य को अब प्रकृति के साथ नहीं, प्रकृति के लिए जीना होगा तभी मानव जीवन सुरक्षित रहेगा! #Uttrakhand pic.twitter.com/QDvvW9NFiC— Adv Jayram Sharma🇮🇳 (@advJayram) August 5, 2025
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हालात का हवाई सर्वेक्षण किया और बताया कि बचाव कार्य में 10 डीएसपी, 3 एसपी और 160 से अधिक पुलिस अधिकारी जुटे हैं। सेना के हेलीकॉप्टर भी तैयार हैं, और मौसम में सुधार के साथ रेस्क्यू तेज़ किया जाएगा।
देहरादून में आपदा संचालन केंद्र 24 घंटे काम कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उन्हें हरसंभव मदद मिल रही है।
इस बीच, हरिद्वार में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। सिंचाई विभाग के अभियंता विकास त्यागी के अनुसार, जलस्तर चेतावनी के निशान के करीब है, लेकिन स्थिति नियंत्रण में है।
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