पुलिस के मुताबिक, दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। घटना के दौरान मौके पर मौजूद अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों की भूमिका तथा घटनाक्रम से संबंधित वीडियो फुटेज की भी जांच की जा रही है।
सांसद के मुताबिक, पुलिस की मदद से उनके काफिले के वाहनों को भीड़ से बाहर निकाला जा रहा था। तहरीर में आरोप लगाया गया है कि इसी दौरान जुलूस में शामिल उपद्रवी लोगों ने सांसद की गाड़ी और काफिले के अन्य वाहनों पर ईंट-पत्थर और लाठी-डंडों से हमला कर दिया।
दूसरी ओर, संतोषपुर निवासी विशाल कुमार ने 20 सितंबर को बखिरा थाने में दी गई तहरीर में सांसद और उनके समर्थकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विशाल का आरोप है कि 18 सितंबर की रात गणेश विसर्जन जुलूस अमरडोभा चौराहे पर पहुंचा था। इसी दौरान एक डीजे का जनरेटर खराब होने से संगीत बंद हो गया। डीजे संचालक और जुलूस में शामिल लोगों के बीच कहासुनी के बाद जुलूस रुक गया।
विशाल के मुताबिक, इसी दौरान सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद और उनके समर्थकों की तीन-चार गाड़ियां हूटर बजाते हुए जुलूस के बीच से निकलने लगीं। आरोप है कि इसी दौरान वह सांसद की गाड़ी की चपेट में आकर जमीन पर गिर गया और उसे कमर में चोट आई।
विशाल ने यह भी आरोप लगाया है कि इसके बाद दोनों पक्षों में पथराव हुआ, जिसमें कुछ लोगों को चोटें आईं और वाहनों को नुकसान पहुंचा। उसने सांसद और उनके समर्थकों पर धमकी देने तथा माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस अब घटना के वीडियो, मौके पर मौजूद लोगों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर भी चर्चा तेज है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि जांच के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



