नारायणपुर में करोड़ों नकदी और भारी मात्रा में हथियार बरामद हुए!

यह अभियान मजबूत खुफिया नेटवर्क और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से संभव हुआ, जो कभी नक्सलियों के मजबूत गढ़ माने जाते थे।

नारायणपुर में करोड़ों नकदी और भारी मात्रा में हथियार बरामद हुए!

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नक्सल प्रभावित नारायणपुर (छत्तीसगढ़) में सुरक्षा बलों ने एक संयुक्त अभियान के दौरान 1 करोड़ रुपए से अधिक नकद और बड़ी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार बरामद किए हैं। यह सफलता ‘माड़ बचाओ अभियान’ के तहत हासिल हुई है। यह सफलता क्षेत्र से नक्सलवाद को खत्म करने के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। यह अभियान मजबूत खुफिया नेटवर्क और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से संभव हुआ, जो कभी नक्सलियों के मजबूत गढ़ माने जाते थे।

नारायणपुर के पुलिस अधीक्षक रॉबिन्सन गुरिया ने पुष्टि की कि जिला रिजर्व गार्ड, स्पेशल टास्क फोर्स, आईटीबीपी और बीएसएफ की संयुक्त टीमों ने यह अभियान दूरस्थ और संवेदनशील इलाकों में चलाया।

अभियान का मुख्य उद्देश्य नक्सलियों द्वारा हथियार और धन छिपाने के लिए बनाए गए गुप्त ठिकानों का पता लगाना और उन्हें नष्ट करना था। सबसे बड़ी बरामदगी 1,10,64,000 रुपए नकद की हुई, जिसे नक्सलियों के वित्तीय नेटवर्क का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

तकनीकी और सैन्य सामग्री की बरामदगी भी बड़ी रही, जिसमें 28 प्रकार की नक्सल संबंधित वस्तुएं शामिल हैं। इनमें तीन एके-47 राइफल, तीन एसएलआर राइफल और इंसास तथा .303 हथियार शामिल हैं। इसके अलावा सैकड़ों जिंदा कारतूस, कई मैगजीन और दो इम्प्रोवाइज्ड बीजीएल लॉन्चर तथा 100 से अधिक गोले भी बरामद किए गए।

सुरक्षा बलों ने इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर, कई बंडल कॉर्डेक्स वायर और लगभग 5 किलो सॉल्टपीटर (पोटैशियम नाइट्रेट) भी जब्त किया, जिससे नक्सलियों की आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बनाने की क्षमता को बड़ा नुकसान पहुंचा है।

इसके अलावा, ‘मोटोरोला सेट’ और ‘वॉकी-टॉकी’ जैसे उच्च गुणवत्ता वाले संचार उपकरणों की बरामदगी से नक्सलियों की आपसी संपर्क व्यवस्था भी बाधित हुई है।

अधिकारी ने बताया कि 2025-26 के दौरान अब तक 270 हथियारों की बरामदगी इस क्षेत्र में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा रणनीति की प्रभावशीलता को दर्शाती है।

सर्च अभियान जारी है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे जंगलों में छिपी किसी भी संदिग्ध वस्तु की जानकारी तुरंत दें।

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