ईरान में बिगडे हालात: भारत ने की अपने नागरिकों से ईरान छोड़ने की अपील

यात्रा दस्तावेज़ तैयार रखने की सलाह

ईरान में बिगडे हालात: भारत ने की अपने नागरिकों से ईरान छोड़ने की अपील

Deteriorating situation in Iran: India appeals to its citizens to leave the country.

ईरान में जारी व्यापक विरोध प्रदर्शनों और तेजी से बिगड़ती सुरक्षा स्थिति के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए सख्त एडवाइजरी जारी की है। ईरान में विरोध प्रदर्शनों के दौरान मरने वालों की संख्या 2,500 के पार पहुंचने के बाद तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने सभी भारतीय नागरिकों छात्रों, तीर्थयात्रियों, व्यवसायियों और पर्यटकों से उपलब्ध साधनों, विशेषकर कमर्शियल उड़ानों के ज़रिए, देश छोड़ने की अपील की है।

भारतीय दूतावास ने कहा कि देश में हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं और कई हफ्तों से जारी प्रदर्शन थमने के कोई संकेत नहीं दे रहे हैं। इसी पृष्ठभूमि में दूतावास ने भारतीय नागरिकों को अत्यधिक सतर्कता बरतने, प्रदर्शन स्थलों से दूर रहने और स्थानीय घटनाक्रम पर करीबी नज़र रखने की सलाह दी है।

एडवाइजरी में कहा गया है, “ईरान में रह रहे सभी भारतीय नागरिकों से अनुरोध है कि वे पासपोर्ट और पहचान पत्र सहित अपने यात्रा और आव्रजन दस्तावेज़ हर समय अपने पास तैयार रखें। किसी भी प्रकार की सहायता के लिए भारतीय दूतावास से संपर्क करें।”

दूतावास ने यह भी स्पष्ट किया कि जो भारतीय नागरिक अभी तक दूतावास में पंजीकृत नहीं हैं, वे जल्द से जल्द अपना पंजीकरण कराएं। आपात स्थिति से निपटने के लिए दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर और ईमेल सहायता सेवाएं भी सक्रिय कर दी हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल संपर्क किया जा सके।

ईरान में मौजूदा हालात को और जटिल बनाते हुए, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार (14 जनवरी)को ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों से अपने संस्थानों पर नियंत्रण करने का आह्वान किया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से पीछे न हटने को कहा और यह दावा किया कि “मदद रास्ते में है”, हालांकि उन्होंने इस बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी।

वहीं, ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका और इज़रायल पर देश को अस्थिर करने का आरोप लगाया है। तेहरान का दावा है कि बाहरी शक्तियां प्रदर्शनकारियों को उकसा रही हैं और इस्लामी रिजीम द्वारा जारी हिंसा में हुई मौतों के लिए ‘आतंकी तत्त्वों’ को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।

इन परस्पर विरोधी आरोपों और लगातार बढ़ती हिंसा के बीच विदेशी नागरिकों, खासकर भारतीयों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। दौरान भारतीय दूतावास ने अपने बयान में दोहराया है की, “सभी भारतीय नागरिक और PIO (भारतीय मूल के व्यक्ति) अत्यधिक सावधानी बरतें, विरोध प्रदर्शनों या भीड़-भाड़ वाले इलाकों से दूर रहें, भारतीय दूतावास के संपर्क में बने रहें और स्थानीय मीडिया के माध्यम से स्थिति पर नज़र रखें।”

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