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Thursday, April 3, 2025
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देश में डिजिटल भविष्य: सुरक्षित बनाने की दिशा में ‘डिजिटल जन शक्ति’ कितना सही ?

इस पहल का उद्देश्य भारत भर के युवाओं और वंचित समुदायों के बीच डिजिटल सुरक्षा और साइबर सुरक्षा कौशल को बढ़ाना है।

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केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि बढ़ते साइबर खतरों और ऑनलाइन स्कैम के बीच, नई ‘डिजिटल जन शक्ति’ पहल भारत के डिजिटल भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी। राज्य मंत्री संजय सेठ ने साइबरपीस द्वारा भारत की पहली यूनिकॉर्न इनमोबी के सहयोग से शुरू की गई डिजिटल जन शक्ति पहल का उद्घाटन करते हुए यह बात कही।

इस पहल का उद्देश्य भारत भर के युवाओं और वंचित समुदायों के बीच डिजिटल सुरक्षा और साइबर सुरक्षा कौशल को बढ़ाना है।

राज्य मंत्री सेठ ने कहा, “डिजिटल जन शक्ति’ पहल भारत के डिजिटल भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे युग में जहां साइबर खतरे तेजी से बढ़ रहे हैं, मैं इनमोबी और साइबरपीस को इस पहल के लिए बधाई देता हूं जो हमारे युवाओं और वंचित समुदायों को साइबर सिक्योरिटी स्किल से सशक्त बनाएगी।”

उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल आवश्यक है बल्कि यह अनिवार्य है। इससे डिजिटल खाई को पाटने में काफी मदद मिलेगी और यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी नागरिक ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार न हो।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुरक्षित और प्रोडक्टिव इंटरनेट के दृष्टिकोण के अनुरूप, ‘डिजिटल जन शक्ति’ पहल का उद्देश्य भारत के युवाओं और वंचित समुदायों को साइबर लचीलेपन के साथ सशक्त बनाना है।

इनमोबी की ग्लोबल एसवीपी और चीफ कॉरपोरेट अफेयर्स ऑफिसर डॉ. सुबी चतुर्वेदी ने कहा, “बढ़ते साइबर खतरों, खास तौर पर ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे खतरनाक स्कैम को देखते हुए इस प्रयास का उद्देश्य जागरूकता पैदा करना, सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार को बढ़ावा देना और डिजिटल रूप से सतर्क समाज बनाना है।”

उन्होंने कहा, “हमारा पहला चरण 10,000 से अधिक लाभार्थियों तक पहुंचेगा और यह एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन होगा।”

साइबरपीस के संस्थापक और ग्लोबल प्रेसिडेंट मेजर विनीत कुमार ने कहा कि ‘डिजिटल जन शक्ति’ पहल भारत को साइबर-हमलों से बचाने की दिशा में एक परिवर्तनकारी कदम है।

यह युवाओं, महिलाओं और वंचित समुदायों को महत्वपूर्ण साइबर सुरक्षा कौशल से लैस करेगा।

रांची में आयोजित इस पहल की पहली वर्कशॉप में 500 से अधिक वंचित व्यक्तियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिन्होंने सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार, व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा, फिशिंग स्कैम को पहचानने और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर गोपनीयता बनाए रखने जैसे महत्वपूर्ण साइबर सुरक्षा विषयों पर इंटरैक्टिव सेशन में भाग लिया।

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