मशहूर टीवी और फिल्म प्रोड्यूसर एकता कपूर अपनी शानदार कहानियों के लिए दर्शकों के दिलों में खास पहचान रखती हैं। सोमवार को एकता ने फिल्म ‘लैला मजनू’ के एक भावुक सीन के बारे में बताया, जिसने उन्हें बहुत रुला दिया था।
एकता ने इंस्टाग्राम पर फिल्म का भावुक सीन पोस्ट किया। साथ ही, उसने उसके पीछे की कहानी के बारे में भी बताया है। सीन में कैस (फिल्म का मुख्य कलाकार) चार साल बाद लैला से मिलने जाता है और देखते ही बेहोश हो जाता है।
वीडियो में बताया गया है कि सीन में कैस इसलिए बेहोश हो जाता है क्योंकि चार साल में जब वह लंदन में रह रहा था, तो उसने अपने दिमाग में जिस लैला के बारे में सोचा था और जिससे वह मिलता उन दोनों को कनेक्ट ही नहीं कर पाता है। इस वजह से वह बेहोश हो जाता है।
वीडियो में आगे ‘लैला मजनू’ की कहानी कैसे इस फिल्म से कनेक्ट करती है, उसके बारे में भी बताया गया है।
एकता ने लिखा, “मैं अपने जीवन में किसी कहानी को सुनाते वक्त सिर्फ तीन बार रोई हूं। पहली बार ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ के पहले एपिसोड में, जब मिहिर को बापूजी का जन्मदिन याद आता है। दूसरी बार ‘द डर्टी पिक्चर’ की कहानी सुनाते समय, जब सिल्क की मौत होती है और तीसरी बार इस सीन में।”
एकता ने बताया कि इस सीन की नरेशन करने के दौरान वे इतनी रो पड़ी थीं कि उन्हें बीच में रुकना पड़ा था और खुद को संभालने में पूरे पांच मिनट लगे थे, जिसे देखकर खुद साजिद अली हैरान हो गए थे। एकता ने लिखा, “यह सीन मुझे आज भी उतना ही खूबसूरत और असरदार लगता है, जितना पहली बार सुनते समय लगा था।”
एकता ने सीन की भावना को आसान शब्दों में समझाते हुए लिखा, “सोचिए, जब आप किसी से इतना गहरा प्यार करते हों कि उसे देखते ही बेहोश हो जाएं। फिल्म में लैला को हर कोई बार-बार कहता था कि देखो कैसे कैस लंदन में मजे कर रहा है, खुश है, लेकिन जब लैला अपने सामने उस दुबले-पतले, टूटे हुए इंसान को देखती है, जिसे वह प्यार करती थी, तो उसे किसी झूठ की जरूरत नहीं पड़ती।
वह उसी पल समझ जाती है कि उसकी तरह ही उसकी रूह भी उसे बहुत याद कर रही थी। यह सीन प्यार की वो ताकत दिखाता है, जहां शब्दों की जगह दिल की आवाज बोलती है।”
साजिद अली द्वारा निर्देशित फिल्म ‘लैला मजनू’ भले ही साल 2018 में रिलीज हुई थी, लेकिन ये फिल्म और इसके गाने आज भी सोशल मीडिया पर ट्रेंड सेट करते रहते हैं। एकता कपूर, शोभा कपूर और प्रीति अली ने मिलकर फिल्म का निर्माण किया था। यह फिल्म इम्तियाज अली द्वारा प्रस्तुत की गई थी।



