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“अमेरिकी टैरिफ में किसी भी तरह की बढ़ोतरी बर्दाश्त नहीं” यूरोप की अमेरिका को चेतावनी

अमेरिका को ट्रांस-अटलांटिक व्यापार समझौता करवाया याद

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अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यूरोपीय संघ (EU) ने स्पष्ट किया है कि वह अमेरिका की ओर से टैरिफ दरों में किसी भी प्रकार की बढ़ोतरी बर्दाश्त नहीं करेगा और 2025 के ट्रांस-अटलांटिक व्यापार समझौते का पूर्ण पालन किया जाना चाहिए। यूरोपीय आयोग ने रविवार(22 फरवरी) को कहा कि अमेरिका को अपनी भविष्य की टैरिफ नीति पर स्पष्टता देनी होगी ताकि दोनों पक्षों के बीच व्यापारिक स्थिरता बनी रहे।

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए व्यापक आयात शुल्क को रद्द कर दिया है। अदालत ने शुक्रवार को अपने फैसले में कहा कि ट्रंप ने इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत अपनी शक्तियों का अतिक्रमण करते हुए अधिकांश व्यापारिक साझेदार देशों पर blanket tariffs लगाए थे। हालांकि फैसले के तुरंत बाद प्रशासन ने अन्य व्यापार कानूनों के तहत नए शुल्क लागू कर दिए।

यूरोपीय आयोग ने कड़े शब्दों में कहा कि अप्रत्याशित शुल्क ट्रांस-अटलांटिक व्यापार और निवेश में विश्वास को कमजोर करते हैं। 2025 में हुए EU-US व्यापार समझौते के तहत यूरोपीय निर्यात पर अमेरिकी टैरिफ की अधिकतम सीमा 15% तय की गई थी, जबकि अमेरिकी औद्योगिक उत्पादों पर कई शुल्क हटाए गए थे। आयोग ने दो टूक कहा, सौदा तो सौदा है और इस बात पर जोर दिया कि सहमत सीमा से ऊपर कोई भी दर स्वीकार्य नहीं होगी।

कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप प्रशासन ने पहले लगभग 10% का समान शुल्क लगाया और फिर उसे बढ़ाकर 15% कर दिया। व्हाइट हाउस का कहना है कि यह सीमा 2025 के समझौते के अनुरूप है, लेकिन यूरोपीय अधिकारी लगातार बदलती नीति को लेकर चिंतित हैं।

व्यापार आयुक्त मारोस सेफ्कोविक ने हालिया वार्ताओं में वॉशिंगटन के साथ इस मुद्दे को सीधे उठाया है। ब्रुसेल्स ने संकेत दिया है कि यदि पारदर्शिता नहीं मिली तो समझौते के अनुमोदन में देरी की जा सकती है। कुछ यूरोपीय सांसदों का तर्क है कि अचानक टैरिफ बदलाव से समझौते की कानूनी और आर्थिक आधारशिला प्रभावित होती है।

इस फैसले का असर वैश्विक बाजारों पर भी पड़ा है। अमेरिकी डॉलर में गिरावट देखी गई, जबकि सोने की कीमतों में उछाल आया। विश्लेषकों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से व्यापारिक साझेदारों को बातचीत में कुछ बढ़त मिल सकती है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि अंततः कौन-से शुल्क लागू रहेंगे और कितने समय तक।

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