विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रविवार(25 जनवरी) को अमेरिका के एक कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की, जिसमें भारत–अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों, हिंद-प्रशांत क्षेत्र की स्थिति और यूक्रेन संघर्ष पर व्यापक चर्चा हुई। इस बैठक को दोनों पक्षों ने सार्थक बैठक कहा है और इसे भारत–अमेरिका साझेदारी को और मजबूती देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
अमेरिकी कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल में सांसद माइक रोजर्स, एडम स्मिथ और जिमी पैट्रोनिस शामिल थे। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर भी बैठक के दौरान मौजूद रहे। बातचीत के दौरान सुरक्षा सहयोग, व्यापार, आपूर्ति श्रृंखलाओं और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया।
बैठक के बाद सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा किए गए संदेश में विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, “अमेरिकी कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल जिसमें @RepMikeRogersAL, @RepAdamSmith और @JimmyPatronis शामिल थे, तथा @USAmbIndia के साथ एक अच्छी बातचीत हुई। भारत–अमेरिका संबंधों, हिंद-प्रशांत और यूक्रेन संघर्ष के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। कांग्रेस के साथ संवाद हमारे रिश्ते का हमेशा एक महत्वपूर्ण पक्ष रहा है।”
A good interaction with US Congressional Delegation comprising @RepMikeRogersAL, @RepAdamSmith and @JimmyPatronis along with @USAmbIndia.
Discussed various aspects of India US ties, Indo Pacific and Ukraine conflict.
Congressional interactions have always been an important… pic.twitter.com/zD1wjgEV5Z
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) January 25, 2026
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी इस बैठक को सकारात्मक बताते हुए कहा कि चर्चा का केंद्र भारत–अमेरिका साझेदारी को मजबूत करना रहा। उन्होंने लिखा, “विदेश मंत्री @DrSJaishankar, @RepMikeRogersAL, @RepAdamSmith और @JimmyPatronis के साथ एक सार्थक बैठक समाप्त की, जिसमें मजबूत सुरक्षा, विस्तारित व्यापार और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों पर सहयोग के लिए अमेरिका–भारत साझेदारी को सशक्त बनाने के तरीकों पर चर्चा हुई।”
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब भारत और अमेरिका के बीच उच्चस्तरीय संपर्कों में तनाव जारी है। 13 जनवरी को जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से टेलीफोन पर बातचीत की थी, जिसमें व्यापार, महत्वपूर्ण खनिज, परमाणु सहयोग, रक्षा और ऊर्जा जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई थी। जयशंकर ने उस बातचीत के बाद कहा था, “@SecRubio के साथ एक अच्छी बातचीत समाप्त की। व्यापार, महत्वपूर्ण खनिज, परमाणु सहयोग, रक्षा और ऊर्जा पर चर्चा की। इन और अन्य मुद्दों पर संपर्क में रहने पर सहमति बनी।”
इसी क्रम में अमेरिकी सीनेटर स्टीव डेंस ने 17 से 19 जनवरी तक भारत का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने भविष्य के किसी भी व्यापार समझौते में दालों से जुड़े प्रावधानों पर जोर दिया और वाशिंगटन–नई दिल्ली व्यापार संबंधों को और मजबूत करने की आवश्यकता रेखांकित की। अमेरिकी दूतावास के अनुसार, डेंस ने जयशंकर, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, सांसदों और दोनों देशों के उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से मुलाकात की।
इस बीच, नई दिल्ली में अपने आगमन संबोधन में राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि वाशिंगटन के लिए भारत जितना आवश्यक कोई अन्य देश नहीं है और दोनों पक्ष व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा था, “सच्चे मित्र असहमति रख सकते हैं, लेकिन अंत में अपने मतभेद सुलझा ही लेते हैं। भारत दुनिया का सबसे बड़ा देश है। इसलिए इसे अंतिम रूप देना आसान नहीं है, लेकिन हम इसे पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
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